- लगभग 50 लाख से ज्यादा विद्युत उपभोक्ताओं के जमा सिक्योरिटी पर व्याज हड़पने के मामले में नया मोड उपभोक्ता परिषद् अध्यक्ष ने ऊर्जामंत्री से की मुलाकात और कहा बड़ा घोटाला हुआ है
- ऊर्जा मंत्री ने कहा सभी के साथ होगा न्याय अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन को को जारी किया लिखित निर्देश उपभोक्ता हित में करे निर्णय
लखनऊ, 07 जुलाई, 2020: बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के चलते पूरे प्रदेश में लगभग 50 लाख विद्युत उपभोक्ताओं की उनकी जमा सिक्योरिटी को या जीरो फीड किया गया है या तो 1 पैसा जिसके चलते 50 लाख विद्युत उपभोक्तओ की जमा सिक्योरिटी पर ब्याज कई सालो से बिजली विभाग ने नहीं दिया। जब की सबको पता है की कनेक्शन लेते वक्त कनेक्शन फीस में ही उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी उनके द्वारा लिए गये भार के मुताबिक जमा करने के बाद ही कनेक्शन मिलता है ऐसे में उनकी जमा सिक्योरिटी को सॉफ्टवेयर सिस्टम में फीड न करना बड़ी अनियमितता है और उपभोक्ताओं के अधिकार के साथ बड़ा खिलबाड़ भी।
बता दें कि आज इस गंभीर मामले में उस समय नया मोड आ गया जब उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन में मुलाकात कर एक जनहित लोक महत्व प्रस्ताव सौपते हुए प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओ का बिजली विभाग द्वारा हड़पी गयी जमा सिक्योरिटी पर ब्याज लगभग 100 करोड़ को प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओ को वापस दिलाने की मांग उठाई और यह आरोप लगाया की बिजली विभाग की बड़ी चीटिंग से लाखो उपभोक्ताओ का करोड़ो रुपया व्याज का हड़पा गया, जिस पर सरकार को तुरंत कठोर कदम उठाना चाहिए।
मालूम हो कि बिजली कम्पनिया लगभग 50 लाख विद्युत उपभोक्ताओ की सिक्योरिटी पर व्याज पिछले लगभग 5 वर्षो से नहीं दी है यह अवधि बढ़ भी सकती है क्यों की विद्युत उपभोक्ता अगर शहरी है।
तो वर्ष 2011 से और यदि ग्रामीण है तो ऑक्टूबर 2016 से जिनकी सिक्योरिटी जीरो फीड है व्याज नहीं पाये है क्योंकि बिलिंग आरएपीडीआरपी क्षेत्र में ऑनलाइन 2011 में शुरू हुवा और ग्रामीण में अक्टूबर 2016 में ऐसे में यदि सभी उपभोक्ताओ को 2 किलोवाट का भार मान कर उनकी जमा सिक्योरिटी रुपया 600 मानकर लगभग 6 प्रतिशत व्याज हर वर्ष आकलित किया जाय तो लगभग रुपया 300 करोड़ जमा सिक्योरिटी पर हर वर्ष जो व्याज बिजली कम्पनियो ने उपभोक्ताओ का हड़पा वह लगभग 18 करोड़ हर वर्ष व्याज निकला अगर 5 वर्ष का कुल व्याज निकाला जाय तो लगभग 90 करोड़ होगा और एक उपभोक्ता का कुल लगभग रुपया 180 हड़प लिया इसे तुरंत वापस दिलाया जाय । ऊपर से इसको उपभोक्ताओ को हर साल दिया दिखा कर उपभोक्ताओ की टैरिफ में पाश ऑन कराया जा रहा है इस पर कैर्रिंग कॉस्ट जोड़ कर निकला जाय तो यह लगभग 100 करोड़ रुपया हड़पा गया है। इनकी पूरी बेलेंश शीट भी अब जाँच के घेरे में है यह जिसे उपभोक्ता परिषद् हमेसा उठता रहा है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने पूरे मामले पर गम्भीरता से चर्चा की और पूरा मामला समझने के बाद तुरंत उपभोक्ता परिषद् द्वारा सौपे गये प्रस्ताव पर अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन को उपभोक्ता हित में गम्भीरता पूर्वक विचार कर कार्यवाही करने का लिखित निर्देश जारी किया है।
पूरे मामले को लेकर इसके बाद उपभोक्ता परिषद् ने पावर कार्पोरेशन के निदेशक वाणिजय से मुलाकात की और कहा की जिन लाखों उपभोक्ताओ को ब्याज नहीं मिल पाया है वह लगभग रुपया 100 करोड़ है और उन्हे बताया की 5 साल की यह अवधि और उपभोक्ताओ की संख्या बढ़ भी सकती है उस पर उन्होने माना की आपकी बात सही है पावर कार्पोरेशन जो भी रुपया 100 करोड़ या जो उपभोक्ताओ का निकलेगा उन्हे पावर कार्पोरेशन देने के लिए तैयार है जल्द अंतिम निर्णय लिया जायेगा और उपभोक्ताओ को उनका पूरा ब्याज देने की कार्यवाही शुरू की जाएगा।







