डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले चिकित्सा ढ़ांचे को मिली अभूतपूर्व मजबूती, मच्छर जनित बीमारियों पर कसा शिकंजा, ई-संजीवनी, टेलीमेडिसिन, एंबुलेंस सेवाएं, टीबी उन्मूलन में प्राप्त की उल्लेखनीय उपलब्धि
लखनऊ, 30 दिसंबर 2025 : इस साल उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र ने अभूतपूर्व उड़ान भरी। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि पूरे प्रदेश में चिकित्सा ढांचे को इतनी मजबूती पहले कभी नहीं मिली।
2025 में 83 नई स्वास्थ्य इकाइयों का लोकार्पण हुआ, सीतापुर में 200 बेड के नए जिला अस्पताल का शिलान्यास किया गया। हजारों आईसीयू बेड जोड़े गए, ऑक्सीजन सिस्टम को पूरी तरह मजबूत किया गया। अब सभी 75 जिलों में डायलिसिस और 74 में सीटी स्कैन सुविधा उपलब्ध है, जहां जनवरी से नवंबर तक 9.42 लाख सीटी स्कैन और 6.50 लाख से ज्यादा डायलिसिस सत्र हो चुके हैं।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस के तहत सैकड़ों न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट्स और पीडियाट्रिक केयर यूनिट्स शुरू हुईं। बाह्य रोगी में 27% और अंतः रोगी में 32% से ज्यादा मरीजों की संख्या बढ़ी।
एंबुलेंस सेवा को नई ताकत मिली : 2,249 नई एंबुलेंस शामिल की गईं। ई-संजीवनी पर रोजाना औसतन 75 हजार से ज्यादा कॉल्स आ रही हैं, जो देश में दूसरे स्थान पर है। टीबी उन्मूलन में बड़ा रिकॉर्ड बना 7,191 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हुईं और जांच में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आयुष्मान भारत योजना के तहत 318 नए अस्पताल जुड़े, जिनमें ज्यादातर कैंसर उपचार से जुड़े हैं। ब्रजेश पाठक ने कहा, “यह सिर्फ सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि प्रदेश के हर परिवार तक बेहतर स्वास्थ्य पहुंचाने का संकल्प है, जो 2025 में साकार हुआ।” उत्तर प्रदेश अब स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में नई मिसाल बन चुका है।






