लखनऊ, 14 अगस्त 2025: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शुरू की गई बालवाटिकाएं नन्हे-मुन्नों के लिए सीखने और खेलने का रंगीन संसार बनकर उभर रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 5,118 विद्यालयों में नई बालवाटिकाओं की शुरुआत की है, जो 3 से 6 वर्ष के बच्चों की ‘स्कूल रेडिनेस’ को मजबूत करने का एक अनूठा प्रयास है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (ICDS) के सहयोग से नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूल परिसरों में स्थानांतरित किया गया है और इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।
मजबूत नींव का सपना:
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा, “बालवाटिकाओं के माध्यम से हम नन्हे-मुन्नों के भविष्य की मजबूत नींव रख रहे हैं। पोषण, सुरक्षित माहौल और आनंददायक शिक्षा हमारी प्राथमिकता है, ताकि प्रत्येक बच्चा कक्षा-1 में प्रवेश से पहले मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से पूरी तरह तैयार हो।”
आधुनिक सुविधाओं से लैस बालवाटिकाएं:
इन बालवाटिकाओं में बच्चों के लिए बालमैत्रिक फर्नीचर, रंग-बिरंगे कक्षा-कक्ष, आउटडोर खेल सामग्री, लर्निंग कॉर्नर, बाला फीचर, अभ्यास पुस्तिकाएं, वंडर बॉक्स, शिक्षण-सामग्री (TLM) और स्टेशनरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, चरणबद्ध तरीके से ECCE (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा) प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती की जा रही है, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा मिल सके।
स्वतंत्रता दिवस पर रंगारंग आयोजन:
स्वतंत्रता दिवस 2025 के मौके पर इन बालवाटिकाओं में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन होगा। स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और आकर्षक सजावट के साथ गायन, नृत्य, नाटिका और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं होंगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, माताओं और अभिभावकों को आमंत्रित किया गया है, ताकि सामुदायिक सहभागिता से बच्चों की शिक्षा को और मजबूती मिले।
महानिदेशक का बयान: बालवाटिकाएं बच्चों को ‘स्कूल रेडिनेस’ के लिए तैयार करती हैं
महानिदेशक स्कूल शिक्षा, कंचन वर्मा ने कहा, “3 से 6 वर्ष की आयु बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण होती है। बालवाटिकाएं बच्चों को ‘स्कूल रेडिनेस’ के लिए तैयार करती हैं, ताकि वे कक्षा-1 में आत्मविश्वास के साथ प्रवेश कर सकें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्री-प्राइमरी शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है, और हम इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।”
बेसिक शिक्षा विभाग ने बालवाटिकाओं के लिए डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने हेतु स्मार्ट टीवी और इंटरैक्टिव लर्निंग किट्स की व्यवस्था शुरू की है। इसके अलावा, बच्चों के पोषण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ मिलकर पौष्टिक आहार वितरण को और प्रभावी किया गया है। विभाग ने यह भी घोषणा की है कि अगले चरण में 2,000 और स्कूलों में बालवाटिकाएं शुरू की जाएंगी।






