संविधान जलाने के मामले में नेताओ की चुप्पी देश के लिए घातक: लक्ष्य

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लखनऊ, 20 अगस्त 2018: भारतीय समन्वय संगठन (लक्ष्य) की लखनऊ टीम ने दिल्ली के जंतर मंतर पर संविधान जलाने और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया जाने के खिलाफ एक आक्रोश प्रदर्शन लखनऊ के हज़रतगंज में किया। लक्ष्य कमांडरों ने मांग करते हुए कहा कि दोषियों को इस गम्भीर अपराध के लिए कड़ी से कड़ी सजा दी जाये।

लक्ष्य कमांडर चेतना राव, रचना कुरील व प्रतिभा राव ने कहा कि यह गम्भीर घटना देश की राजधानी दिल्ली में पुलिस की मौजूदगी में घटी और पुलिस ने इसे रोकने के लिया कोई भी प्रयास नहीं किया और जब बहुजन समाज के सामजिक लोगो ने इसका विरोध किया तब जाकर दिल्ली पुलिस की नींद खुली। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार इस घटना में तत्परता दिखाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दे ताकि इस प्रकार की देशद्रोह की घटनाओ पर लगाम लग सके।

लक्ष्य कमांडर संघमित्रा गौतम, रागिनी चौधरी व सुषमा बाबू ने कहा कि “लक्ष्य” इस प्रकार की घटनाओ की कड़ी निंदा करता है।उन्होंने दुःख प्रकट करते हुए कहा कि इस देशद्रोह की गम्भीर घटना को किसी भी राष्ट्रीय व क्षेत्रीय चैनल ने गम्भीरता से न लेते हुए इसका प्रसारण तक नहीं किया। उन्होंने कहा कि “पत्रकारिता में पक्षपात” की कोई जगह नहीं होती है और सच्चाई को देश के लोगो के सामने लाने का जिम्मा होता है और यही “लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ” से उम्मीद की जाती है।

लक्ष्य कमांडर राजकुमारी कौशल, शशि सिंह व कमलेश सिंह ने कहा कि जब तक दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिल जाती है तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने देश के शाशन प्रशासन से प्रश्न करते हुए कहा कि अगर देश का संविधान सुरक्षित नहीं होगा तो देश के नागरिक कैसे सुरक्षित हो सकते है।

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