जिलाधिकारी ने दिया कार्यवाही का आश्वासन
बाराबंकी, 14 जून। भूमाफियों से अवैध कब्जा कर जमीन व तालाब को बेचने की शिकायत स्वर्गीय फरीदुद्दीन के परिवार के सदस्य खुर्रम हसन पुत्र स्वर्गीय शहीर उल हसन ने कई बार की जिला व पुलिस प्रशासन से की है। 26 सितंबर 2017 को अतिक्रमण हटाये जाने के प्रयास में भूमाफिया राजा मियां पुत्र स्वर्गीय वारिस किरमानी के गुंडों ने खुर्रम हसन को जान से मारने तक की धमकी दे डाली। यदि भू माफियाओं के हौसले इसी तरह बुलंद रहे और जिला प्रशासन कार्यवाही के नाम पर शून्य रहा तो वह दिन दूर नहीं जब भूमाफियों से कोई भी जमीन सुरक्षित बचेगी।
सेवानिवृत डिप्टी कलेक्टर तथा तालुकेदार ने 1913 में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में अपनी तमाम प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड करवा दी थी। जिसमें घंटाघर मस्जिद, देवा जो उनके पिता द्वारा निर्मित कराई गई थी तथा यूनियन बैंक, देवा स्थित मस्जिद स्वयं उन्होंने बनवाई थी। परिवार के सदस्यों का देवा में न रहने के कारण वक्फ सम्ंपत्ति की देखरेख न होने के कारण तमाम प्रॉपर्टी पर भूमाफियों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया और अवैध कब्जा बची हुई भूमि पर निरंतर जारी है।
घंटाघर मस्जिद के पास एक घढ़ी जो मस्जिद को ऊंचा करने के लिए बनाई गई थी। इसको पर भूमाफियों की नजर रही और उसको भी नहीं छोड़ा। इस संबंध में वक्फ बोर्ड द्वारा मार्च 2017 में बनाई गई कमेटी के द्वारा सभी प्रकार के प्रयास किए गए। जिसमें दो बार पुलिस कप्तान, एक एक बार उप जिलाधिकारी व जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देखर कठोर कार्यवाही करने को कहा गया है। जिलाधिकारी द्वारा आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही प्रभारी कार्यवाही होगी। इस प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री के भू माफिया पोर्टल पर भी की गयी है। घढ़ी को बचाने हेतु प्रार्थना पत्र दिए गए लेकिन हर बार जांच में गए कर्मचारी अपनी जेब भर कर चलते बने।







