भूख हड़ताल कर रहे अखिल भारतीय अम्बेडकर महासभा के लोगों को संघर्ष समिति का समर्थन

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  • संघर्ष समिति ने केन्द्र सरकार से उठायी मांग उन्होंने कहा कि, महासभा की मांगों पर सरकार करे अपना रुख स्पष्ट और करें प्रभावी कार्यवाही जिससे दलितों को मिले न्याय
लखनऊ, 27 अगस्त 2018: ‘भीख नहीं भागीदारी, देश की हर ईंट में चाहिए हिस्सेदारी’ के मुद्दे पर विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय अम्बेडकर महासभा देश के लगभग 8 राज्यों में 8 अगस्त से आन्दोलन शुरू किया है और उनके पदाधिकारी धरने पर बैठे हैं। जिसके समर्थन में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक 8 सदस्यीय संघर्ष समिति प्रतिनिधि मण्डल ने आज सुबह धरने पर पहुंचकर उनका समर्थन किया।
बता दें कि पिछले 20 दिनों से अखिल भारतीय अम्बेडकर महासभा की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती कंचन भारती जो महामाया बौद्ध विहार, गांधी नगर, तेलीबाग, स्थित लखनऊ में भूख हड़ताल पर बैठी हैं।

गौरतलब है कि महासभा द्वारा उठायी गयी मांगों में एक मांग पदोन्नति में आरक्षण बिल को लोकसभा से पारित कराकर संविधान की नौवी अनुसूची में शामिल करने का अहम मुद्दा भी है। धरने पर बैठी कंचन भारती ने बताया कि अभी वह अन्न त्यागकर तरल पदार्थ के रूप में शहद व इलेक्ट्राल का सेवन कर रही हैं। लेकिन मांगों पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है।

बता दें कि आज प्रातः धरने पर पहुंचकर धरने का समर्थन करने वाले आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति के संयोजकों अवधेशक कुमार वर्मा, आरपी केन, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, प्रेम चन्द्र, अशोक सोनकर, दिनेश कुमार, अजय चौधरी ने कहा कि अखिल भारतीय अम्बेडकर महासभा के तत्वाधान में देश के लगभग 8 राज्यों में अलग-अलग यह धरना आयोजित किया गया है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार को अविलम्ब इस प्रकरण का संज्ञान लेकर पूरे मामले पर हस्तक्षेप करते हुए मांगों पर अपना मत स्पष्ट करते हुए अविलम्ब प्रभावी कदम उठाना चाहिए। जिस प्रकार से पूरे देश में दलित समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर संवैधानिक तरीके से समय-समय पर धरना प्रदर्शन करते रहते हैं, लेकिन सरकार का सकारात्मक रूख न होने के कारण पूरे देश के दलित समाज में एक गलत संदेश जा रहा है। जिससे देश का दलित समाज आक्रोशित है।
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