किताबों के मेले में मिल रहीं जरूरी जानकारियां
लखनऊ 3 मई। पहली बार संगीत नाटक अकादमी परिसर में चल रहे पुस्तक मेले में आकाशवाणी लखनऊ एफएम रेनबो की ओर से नवयुवा गायकों की सुरतरंग प्रतियोगिता का फाइनल राउण्ड सुष्मित त्रिपाठी और वनिता शर्मा की एंकरिंग में चला। प्रतियोगिता में माधव प्रथम, आयुष राज व शौर्य अमित द्वितीय और हर्षिता व वर्तिका तृतीय रहे। इसके अतिरिक्त रिद्धिमा मेहरोत्रा, स्मृति धवन, अंशुमान, दीपक सिंह, मृत्युंजय, आद्या व अवि को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
प्रतियोगिता के लिए शहर के लगभग डेढ़ सौ प्रविष्टियों में उनकी भेजी आडियो रिकार्डिंग के आधार पर 14 से 18 वर्ष उम्र की 30 उभरती गायन प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया। चयन में शास्त्रीय, सुगम, लोक व फिल्म संगीत विधाओं के समावेश का ध्यान रख गया। इस अवसर पर केन्द्र निदेशक पृथ्वीराज चौहान ने पुस्तक मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल का सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विजेताओं को तो एफएम रेनबो में गाने का अवसर मिलेगा ही, साथ ही जो विजेता नहीं भी बनते अगर गायकी में मेहनत करके हमसे सम्पर्क करते हैं तो उन्हें भी अवसर प्रदान करेंगे।
पहली प्रतिभागी वर्तिका ने यहां- दो लफ्जों की है ये कहानी…. से प्रतियोगिता की शुरुआत की। इसके बाद अंजलि ने- ओ री चिरैया…. गीत गाया। अवि श्रीवास्तव ने विदाई गीत- हरे-हरे बांस कटाओ मेरे बाबुल….गीत गाया। सारा श्रीवास्तव ने गजल- आज जाने की जिद न करो…. पेश की तो श्रुति तिवारी ने- कभी-कभी तेरी पलकों पे….गीत गाया। इसी क्रम में शौर्य ने- मौला मेरे मौला… कलाम सुनाया। इसके अलावा सृष्टि, दीपक सिंह, मृत्युंजय, श्रेया, आद्या, राजहंस, अंशुमान, आदि ने अपनी पसंद के गीत सुनाए। वाद्यों पर गोपाल गोस्वामी, कृष्णस्परूप, विजस सैनी और सुभाष शर्मा ने प्रतिभागियों का सुंदर साथ निभाया। निर्णायकों का दायित्व अर्चना प्रकाश, गजाला और संगीता ने निभाया। प्रारम्भिक संचालन बिंदु जैन ने किया। इस अवसर पर आकाशवाणी के अधिकारी प्रतुल जोशी, केबी त्रिवेदी, स्पर्शिता श्रीवास्तव आदि के संग बड़ी तादाद में युवा और संगीत प्रेमी उपस्थित थे।
पुस्तक मेले में आज – 4 मई 2018
पूर्वाह्न 10.30 बजे- लेखक से संवाद- डा.दिनेशचन्द्र अवस्थी
पूर्वाह्न 10.30 बजे- काव्यपाठ- अनंत अनुनाद संस्था
अपराह्न 1.00 बजे- बच्चों-युवाओं की प्रस्तुतियां
अपराह्न 3.00 बजे- एफएम रेनबो की सुर तरंग प्रतियोगिता का फाइनल
अपराह्न 4.00 बजे- पुस्तक चर्चा- चांद ब चांद पर काव्या संस्था
शाम 5.00 बजे- परिचर्चा- स्वास्थ्य व पोषण
शाम 7.30 बजे- नूतन वशिष्ठ के संयोजन के कथाकथन






