50 हजार आरक्षण समर्थकों का मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल

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file photo
  • पैदल मार्च कर किया प्रदर्शन, नवम्बर माह में लखनऊ में आरक्षण समर्थकों की लाखों की होगी रैली
  • आरक्षण समर्थकों की मांग: पदोन्नति में आरक्षण बिल लोकसभा से पारित कर संविधान की 9वीं सूची में डाला जाये और राज्यों के लिये बनाया जाये बाध्यकारी
लखनऊ, 28 सितम्बर 2018: आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति के पैदल मार्च में आज नीले झंडों से आकाश खिल उठा। मौका था पदोन्नति में आरक्षण बिल पास कराने और यूपी में रिवर्ट 2 लाख दलित कार्मिकों को उनके पदों पर पुर्नस्थापित कराने और पिछड़े वर्ग के कार्मिकों को पदोन्नति में आरक्षण दिलाने सहित एससीएसटी एक्ट पर हो रहे कुठाराघात को रोकने का।
बता दें कि आज सुबह 6ः30 बजे आरक्षण समर्थकों द्वारा डा. भीमराव अम्बेडकर स्मारक, गोमती नगर मेन गेट से आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक विशाल विरोध पैदल मार्च/परिक्रमा निकाली गयी, जो मेन गेट से होते हुए भागीदारी भवन से ताज होते हुए समता मूलक चौराहे से पुनः उसी स्थान पर लगभग 4 किलोमीटर मार्च के बाद समाप्त हुई।
संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा द्वारा लगभग 50 हजार आरक्षण समर्थकों के बीच आगे के आन्दोलन का ऐलान किया और सरकार से तुरन्त अपनी मांगों को पूरा करने की गुहार लगायी। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में आरक्षण समर्थक अपने हाथों में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति का झण्डा व पंचशील का झण्डा लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी की। आरक्षण समर्थकों द्वारा परिक्रमा के दौरान अपने दर्जनों महापुरूषों की मूर्तियों पर पुष्प बरसा कर उन्हें नमन किया।
यह हैं आगे की रणनीति:
  • 15 अक्टूबर से प्रदेश के सभी आरक्षित सीट के सांसदों के क्षेत्रों में ‘दलित सांसद चुप्पी तोड़ो, अपने समाज से नाता जोड़ो‘‘ ‘दलित समाज की बात नही तो 2019 में वोट नहीं‘ का चलेगा व्यापक अभियान।
  • नवम्बर माह के अन्त में लखनऊ में विशाल महारैली जिसमें पूरे देश के आरक्षण समर्थकों का लगेगा जमावड़ा और 2019 के लिये आर-पार की लड़ाई का ऐलान।
  • दिसम्बर माह से प्रदेश के सभी जिलों में जिला सम्मेलन के माध्यम से जागरूकता अभियान।
  • एससी/एसटी एक्ट का विरोध करने वाले नेताओं को वोट नहीं देने का चलेगा व्यापक अभियान।
इस मौके पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों सर्वश्री अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा राम शब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, एसपी सिंह, रीना रजक, राज करन, लेखराम, पीएम प्रभाकर, दिग्विजय सिंह, प्रेमचन्द्र, दिनेश कुमार, अजय चौधरी, मया राम वर्मा, राजेश कुमार, ब्रहद्रथ वर्मा, जितेन्द्र कुमार, श्रीनिवास राव, राजेश पासवान, रामेन्द्र कुमार, योगेन्द्र, सुशील कुमार, राजेश कुमार सरोज, अरविन्द फरसोवाल, सुधा गौतम, मंजू वर्मा, अंजली, पीपी सिंह, संजय भार्गव, अनिल सागर, राजेश रावत, सुनील कनौजिया ने एक संयुक्त बयान में कहा कि जब तक दलित कार्मिकों के साथ केन्द्र की मोदी सरकार व उप्र की सरकार दलित कार्मिकों के साथ न्याय नहीं करती तब तक यह आन्दोलन जारी रहेगा। आने वाले समय में लाखों की संख्या में दलित कार्मिक उप्र की सरकार को पदोन्ति में आरक्षण की व्यवस्था बहाल करने के लिये बाध्य कर देंगे।

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