19 मार्च को पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन का ऐलान
लखनऊ, 17 मार्च। यूपी सरकार की कैबिनेट द्वारा लखनऊ सहित गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ व मुरादाबाद का निजीकरण करने हेतु लिये गये फैसले के विरोध में आज से पूरे प्रदेश में दलित व पिछड़े वर्ग के अभियन्ताओं ने विरोध स्वरूप प्रदर्शन व बैठकें शुरू कर दी हैं, उसी क्रम में उप्र पावर आफिसर्स एसोसिएशन की प्रान्तीय कार्यसमिति की एक बैठक फील्ड हास्टल कार्यालय में सम्पन्न हुई, जिसमें निजीकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए 19 मार्च, 2018 को प्रदेश के सभी डिस्काम मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन घोषित कर दिया गया है।
काली पट्टी बांधकर दलित अभियन्ता करेंगे काम:
लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय पर सुबह 10 बजे से विशाल धरना शुरू हो जायेगा। आन्दोलन के अगले चरण में 20 मार्च से पूरे प्रदेश में दलित व पिछड़े वर्ग के अभियन्ता काली पट्टी बांधकर काम करेंगे फिर भी सरकार द्वारा निजी करण का फैसला वापस न किया गया तो दिनांक 27 मार्च,2018 से पूरे प्रदेश में व्यापक आन्दोलन चालू कर दिया जायेगा।
पहला निजीकरण प्रयोग पूरी तरह फेल साबित हुआ:
उप्र पावर आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष केबी राम, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, अति. महासचिव अनिल कुमार, सचिव आरपी केन, संगठन सचिव, अजय कुमार ट्रांस्को अध्यक्ष महेन्द्र सिंह मध्यांचल अध्यक्ष शक्ति सिंह सिविल इकाई अध्यक्ष बीना दयाल ने कहा कि निजीकरण पहला प्रयोग नोएडा पावर कम्पनी व टोरेन्ट पावर आगरा पूरी तरह फेल साबित हुआ है। उसके बावजूद भी पावर कारपोरेंशन प्रबन्धन निजीकरण पर आमादा है। निजीकरण से सबसे ज्यादा नुकसान दलित व पिछड़े वर्ग के कार्मिकों का होगा।
एसोसिएशन की तरफ से निजीकरण के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिये एक पत्र प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री महोदय, ऊर्जामंत्री व पावर कार्पोरेशन सहित सभी प्रबन्ध निदेशक डिस्काम को आज ही भेज दिया गया है, जिसमें आन्दोलन की पूरी रूपरेखा से उन्हें अवगत करा दिया गया है।
आज की बैठक में प्रमुख रूप राकेश पुष्कर, बीके आर्या,एसपी सिंह, मनोज सोनकर, एसएस आर्या, धर्मेन्द्र कुमार, रामशब्द, राम चन्द्र, राव साहब गौतम, सुनील कुमार, चन्द्र विशाल, एके सिंह, एचपी कौशल, चन्द्रशेखर, अनिल कुमार, पीपी सिंह, आनन्द कनौजिया, जय प्रकाश, राज कपूर, राधाकिशन राव सहित अनेकों पदाधिकारी उपस्थित थे।







