आयोग द्वारा जारी किया गया आदेश
उपभोक्ता परिषद के पूर्ण प्रस्ताव पर यदि पावर कार्पोरेशन देता सहमति तो बुन्देलखण्ड की किसानों व ग्रामीणों को मिल जाती और व्यापक राहत।
लखनऊ, 15 अप्रैल। पावर कार्पोरेशन द्वारा बुन्देलखण्ड के किसानों के लिये रवि क्राप के तहत फिक्स चार्ज में राहत देने के लिये उप्र विद्युत नियामक आयोग में आयोग दाखिल याचिका पर अन्ततः आयोग अध्यक्ष श्री एसके अग्रवाल ने अपना फैसला सुना दिया है, जिसके बाद अब बुन्देलखण्ड के किसानों को जो केवल एक फसल रबी क्राप ही पैदा करते हैं। अब उनको सीजनल टैरिफ की तरह लाभ मिलेगा और उनके फिक्स चार्ज सहित मिनिमम चार्ज में भी छूट मिलेगी। पावर कार्पोरेशन द्वारा पहले केवल फिक्स चार्ज में छूट की याचिका दाखिल की गयी थी, लेकिन याचिका की सुनवाई के दौरान उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा की आपत्ति के बाद अब बुन्देलखण्ड के मीटर्ड किसानों के मिनिमम चार्ज में भी छूट मिलेगी क्योंकि उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव को पावर कार्पोरेशन ने मान लिया और अन्ततः आयोग ने अपने आदेश में उसे शामिल कर लिया।
पावर कार्पोरेशन द्वारा दाखिल याचिका में यह कहा गया था कि बुन्देलखण्ड के किसान केवल एक फसल (रवि) पैदा कर पाते हैं और जब वह कनेक्शन ले लेते हैं तो उन्हें पूरे वर्ष प्रतिमाह फिक्स चार्ज देना पड़ता है, जबकि उन्हें जरूरत केवल 4 माह की होती है। इसके चलते किसानों को काफी दिक्कत आती है, ऐसे में नवम्बर से फरवरी तक 4 माह के बाद किसानों को अक्टूबर से जनवरी तक 8 माह छूट दिये जाने का प्रस्ताव दिया गया था। जिसपर अब आयोग द्वारा अपना फैसला सुना दिया गया। जिसके तहत अनमीटर्ड किसान जो रू0 150 प्रतिहार्स पावर प्रतिमाह देते हैं, उनके लिये 8 माह के दौरान 50 प्रतिशत की छूट अर्थात उन्हें अब केवल रू0 75 प्रतिहार्स पावर ही देना होगा।
बुन्देलखण्ड के जिन किसानों के यहां मीटर स्थापित है, उनको अब 75 प्रतिशत छूट फिक्स चार्ज में मिलेगी। यानि कि मीटर्ड किसान जो रू. 60 प्रतिहार्स पावर प्रतिमाह फिक्स चार्ज देेते हैं, उन्हें अब केवल रू. 15 प्रतिहार्स पावर प्रतिमाह देना होगा। इसी प्रकार उपभोक्ता परिषद की आपत्ति के बाद अब याचिका में संशोधन के उपरान्त आयोग द्वारा जो आदेश पारित किया गया है, उसके तहत बुन्देलखण्ड के मीटर्ड किसानों के मिनिमम चार्ज में भी 75 प्रतिशत की छूट मिलेगी, यानि कि अभी जो किसान मिनिमम चार्ज पर रू0 150 प्रतिहार्स पावर प्रतिमाह देंगे उन्हें छूट के बाद केवल रू0 37 देना होगा।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पावर कार्पोरेशन यदि उपभोक्ता परिषद के पूरे प्रस्ताव को मान लेता तो बुन्देल खण्ड के किसानों को और भी राहत दी जा सकती थी। उपभोक्ता परिषद ने वहां के घरेलू ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में भी 50 प्रतिशत छूट की मांग उठायी थी लेकिन पावर कार्पोरेशन ने अपनी सहमति नहीं दी जिससे वह राहत का मामला लटक गया। उपभोक्ता परिषद ने बुन्देलखण्ड में भुखमरी को देखते हुए वहां पर लगने वाली इलेक्ट्रिसिटी ड्युटी व रेगुलेटरी सरचार्ज को भी समाप्त करने की मांग उठायी थी, लेकिन इस मुद्दे पर भी पावर कार्पोरेशन ने अपनी सहमति नहीं दी। जिससे व्यापक राहत का मामला टल गया।







