- मूर्ति तोड़ने की घटना पर सरकार उठाये सख्त कदम- मा. भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले
- जो सरकार संविधान निर्माता के नाम में कर सकती है संशोधन उसे संविधान बदलने में नहीं होगी हिचक, भाजपा की उल्टी गिनती शुरू, आज के बाद बहुजन समाज की भाजपा के खिलाफ शुरू हो गयी बगावत- अवधेश कुमार वर्मा
- पदोन्नति में आरक्षण बिल पास करने में सरकार की नहीं है दिलचस्पी
लखनऊ, 01 अप्रैल। भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने बग़ावती तेवर अपनाते हुए कहा कि मै सांसद रहूं या न रहूं लेकिन भारतीय संविधान व आरक्षण पर आंच नहीं आने दूंगी। यह बातें आज उन्होंने मा. कांशीराम स्मृति उपवन, लखनऊ में नमो बुद्धाय जनसेवा समिति के द्वारा आयोजित ‘भारतीय संविधान व आरक्षण बचाओ महारैली’ में पूरे प्रदेश से आएं लाखों की संख्या में दलित, पिछड़े, महिलाएं व अल्पसंख्यकों के सामने कहीं।

महारैली की भव्यता का आलम यह था कि हुंकार महारैली में आज सुबह 10 बजे से ही आरक्षण समर्थकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया और देखते ही देखते पूरा पण्डाल खचाखच भर गया। समर्थकों ने संविधान व आरक्षण को बचाने को लेकर खूब नारे बाजी की, पूरा पण्डाल नीलामय व पंचशील के झण्डों से पटा रहा। पूरे पण्डाल में भगवान बुद्ध, बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर व मा. कांशीराम जी के अनेकों कटआउट बहुजन समाज के प्रतीक व प्रेरणास्रोत के रूप में बड़ी संख्या में लगाये गये थे। महारैली की अध्यक्षता नमो बुद्धाय जनसेवा समिति के संस्थापक/अध्यक्ष श्री अक्षवरनाथ कनौजिया ने किया और मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा की सांसद सावित्री बाई फुले मौजूद थी।
मैं संविधान बदलने की साजिश कतई बर्दाशत नहीं करूंगी
मुख्य अतिथि के रूप में हुंकार महारैली को सम्बोधित करते हुए भाजपा से बहराइच की सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा कि पूरे देश में बाबा साहबी की मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं, संविधान को बदलने का षडयंत्र किया जा रहा है, आरक्षण पर कुठाराघात हो रहा है और वहीं दूसरी ओर आरक्षण को समाप्त करने के लिये बड़े पैमाने पर निजीकरण भी किया जा रहा है। इसके लिये 85 प्रतिशत बहुजन समाज को एकजुट होकर इनके मन्सूबों को कामयाब नहीं होने देना है। उन्होंने कहा मैं सांसद रहूं या न रहूं, लेकिन मैं संविधान बदलने की साजिश कतई बर्दाशत नहीं करूंगी। मेरे शरीर पर जो पीली वस्त्र देख रहे हैं यह गौतम बुद्ध जी कपड़ा चीवर है। जब तक पूरा देश बुद्धमय नहीं होगा तब तक समाज आगे नहीं जा सकता।
‘पदोन्नति में आरक्षण बिल’ पर कोई सुनने को तैयार नहीं:
उन्होंने सभा में अनेकों बार सभी का हाथ उठवाकर यह संकल्प दिलाया कि आखिरी लड़ाई तक आप सभी उनका साथ देंगे। उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण का बिल लम्बित है, अनेकों बार उनके द्वारा संसद में यह बात उठायी गयी लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। अन्त में उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्रत्येक जिले में आयोजित किये जायेंगे। दलित घोड़े पर बैठता है तो उसकी हत्या कर दी जाती है, पूरे देश व प्रदेश में दलितों व महिलाओं पर अत्याचार बढ़ गया है। अब बहुजन समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।









2 Comments
बहुत अच्छा काम कर रही है बधाई।