संघर्ष समिति ने कहा पूरे प्रदेश में 8 लाख आरक्षण समर्थक कार्मिक आक्रोशित सरकार करे कार्यवाही अन्यथा आन्दोलन के लिये होंगे बाध्य
लखनऊ,01 अक्टूबर 2019: आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति संयोजक मण्डल की आज एक आवश्यक बैठक हुई, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री से संघर्ष समिति के नेताओं ने यह मांग उठायी है कि जिलाधिकारी, बलिया को अविलम्ब निलम्बित कर उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही करायी जाये। संघर्ष समिति ने कहा कि जिस प्रकार से उनके द्वारा सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक बिन्दु प्रसाद परिवहन विभाग बलिया को उनके कार्यालय से घसीट कर उनको जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जलील व अपमानित किया गया। उससे पूरे प्रदेश के 8 लाख आरक्षण समर्थक कार्मिकों में भारी रोष व्याप्त है। पूर्व में भी जिलाधिकारी महोदय द्वारा एक मामले में दलितों पर टिप्पणी के बाद उनके द्वारा स्वतः माफी मांगी गयी थी और अब कुछ माह बाद ही पुनः दलित कार्मिक को अपमानित करना पूरी तरह गलत है। इससे पूरे प्रदेश के दलित कार्मिकों में भारी गुस्सा भी व्याप्त है।
मुझे अपमानित किया गया है जिससे मैं बहुत आहत हूॅ: सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक, परिवहन
आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार ने कहा कि जब आज इस मामले पर संघर्ष समिति के नेताओं ने सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक परिवहन बिन्दू प्रसाद से बात की तो उन्होंने अपनी व्यथा बताते हुए कहा मुझे अपमानित किया गया है जिससे मैं बहुत आहत हूॅ। जिलाधिकारी महोदय का अपने ऊपर आरोप पर दी जा रही सफाई पूरी तरह गलत है। एक छोटे से कार्मिक के कमरे में जिलाधिकारी महोदय का आना स्वतः यह सिद्ध करता है कि वह गलत मंशा से अहं में चूर होकर मुझे अपमानित करने आये थे, अन्यथा यह बात सर्वविदित है कि जिलाधिकारी जिले के किसी भी कार्मिक को अपने कार्यालय में बुलाकर जो भी निर्देश देना चाहे दे सकते हैं।
संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि अब आरक्षण समर्थक चुप बैठने वाले नहीं हैं, सरकार अविलम्ब जिलाधिकारी बलिया के खिलाफ कार्यवाही करे नही ंतो आरक्षण समर्थक आन्दोलन के लिये बाध्य होंगे।







