आरक्षण समर्थकों ने कृषि विभाग से शुरू किया ‘आरक्षण बचाओ जन जागरूकता अभियान’

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  • पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था बहाल कराने व एससी/ एसटी एक्ट पर हो रहे कुठाराघात को रोकने के लिये आज पेरियार ईवी रामास्वामी नायकर को याद करते हुए आरक्षण समर्थकों ने कृषि विभाग से शुरू किया आरक्षण बचाओ जन जागरूकता अभियान
  • 28 सितम्बर को आरक्षण समर्थकों का कार्यक्रम लिखेगा एक इतिहास
लखनऊ, 17 सितम्बर 2018: पदोन्नति में आरक्षण एवं एससी/एसटी ऐक्ट पर हो रहे लगातार कुठाराघात को रोकने को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र ने आज से विभागवार आरक्षण बचाओ जन जागरण अभियान की शुरूआत की।
बता दें कि आज कृषि विभाग मुख्यालय में आरक्षण समर्थक कार्मिकों के बीच जन जागरण अभियान की शुरूआत आज पेरियार ईवी रामास्वामी नायकर की जयन्ता पर उन्हें याद करते हुए शुभारम्भ किया गया, जो अगले दस दिनों तक चलेगा। संघर्ष समिति के नेताओं ने जन जागरण अभियान के माध्यम से आगामी 28 सितम्बर, 2018 को होने वाली विशाल परिक्रमा को सफल बनाने का आहवान किया गया।
आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, डा. रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, लेखराम, दिनेश कुमार, अजय चैधरी, सुखेन्द्र प्रताप, राम औतार, प्रेम चन्द्र, अशोक सोनकर, प्रेमलता, मधुबाला, सुनीता कुमारी, सुषमा, अशोक राज, जगन्नाथ, राकेश कुमार, सुनील कनौजिया ने कहा कि जिस प्रकार से केन्द्र की मोदी सरकार ने लम्बे समय से पदोन्नति में आरक्षण का बिल लोकसभा में लम्बित रखकर पूरे देश के दलित कार्मिकों का उत्पीड़न कराया है वह इतिहास के काले पन्नों में दर्ज हो गया है।
संघर्ष समिति ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि विगत 3 माह पहले भारत सरकार ने सभी राज्यों को कानून की परिधि में दलित कार्मिकों को पदोन्नति में आरक्षण दिये जाने का आदेश पारित किया। बिहार सहित अनेकों राज्यों ने लागू कर दिया लेकिन उप्र की सरकार केवल बहाने बाजी में लगी रही और उसी का नतीजा है कि आज लगभग सभी विभाग में उच्च पदों पर दलित कार्मिकों की संख्या शून्य है।
संघर्ष समिति के नेताओं ने पिछड़े वर्ग के कार्मिकों को भी पदोन्नति में आरक्षण दिये जाने की व्यवस्था को बहाल किये जाने की मांग करते हुए कहा कि यदि वास्ताव में सरकार पिछड़े वगों के लिये पूर्व में लागू पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को तत्काल बहाल करें।

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