- पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर आरक्षण समर्थकों ने सरकार के खिलाफ किया आर-पार की लड़ाई का ऐलान
- लखनऊ मुख्यालय ईको गार्डेन धरना स्थल पर होगा विशाल धरना प्रदर्शन
- आन्दोलन के द्वितीय चरण में दलित सांसदों के क्षेत्र में लगायी जायेगी आरक्षण बचाओ चौपाल और जिलों में आरक्षण बचाओ सम्मेलन
लखनऊ, 22 जुलाई 2018: लोकसभा से पदोन्नति में आरक्षण बहाल किये जाने के मुद्दे पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र की प्रान्तीय संयोजक मण्डल ने आज सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए पूरे प्रदेश में 26 जुलाई को अपने अधिकार के लिये धरना प्रदर्शन घोषित किया है।
संयोजकों श्री अवधेश कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि लखनऊ मुख्यालय पर प्रातः 11 बजे से मा. काशीराम ईको गार्डेन धरना स्थल पर एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन होगा। आन्दोलन के द्वितीय चरण में सभी दलित सांसदों के क्षेत्र में आरक्षण बचाओ चौपाल लगायी जायेगी, जिसमें दलित समाज के लोगों को यह बताया जायेगा कि केन्द्र की मोदी सरकार पिछले लगभग 4 वर्षों से दलित कार्मिकों को उनका अधिकार नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि चौपाल की तिथि की घोषणा शीघ्र की जायेगी। आन्दोलन के तृतीय चरण में जिला मुख्यालयों पर आरक्षण बचाओ सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे और अक्टूबर के महीने में एक विशाल आरक्षण बचाओ महारैली होगी, जिसमें पूरे देश से लाखों आरक्षण समर्थक कार्मिक भाग लेंगे।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा. रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, पीएम प्रभाकर, एसपी सिंह, दिग्विजय सिंह, पीपी सिंह, अशोक सोनकर, प्रेम चन्द्र, जितेन्द्र कुमार, श्री निवास राव, राजेश पासवान, अरविन्द कुमार, योगेन्द्र रावत, रामेन्द्र कुमार, बृहदत्त वर्मा, अरविन्द फर्सोवाल, सुनील कनौजिया ने कहा कि अब पूरे प्रदेश में लगातार आन्दोलन जारी रहेंगे, जिस प्रकार से दलित कार्मिकों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
अब बर्दाश्त की सीमा समाप्त हो गयाी है, प्रदेश के आरक्षण समर्थक कार्मिकों के सामने आन्दोलन करने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। भारत सरकार द्वारा जारी पदोन्नति में आरक्षण का आदेश में बिहार व छत्तीसगढ़ राज्य में लागू कर दिया गया, लेकिन उप्र में आरक्षण विरोधी ताकतों के सामने सरकार नतमस्तक है। जिसके चलते दलित कार्मिकों को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है और वह आन्दोलन के रास्त पर हैं।







