अयोध्या में जनता के गूंजें नारे: योगी जी बस एक काम करो, मंदिर का निर्माण करो’

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फैजाबाद अब कहलायेगा अयोध्या जिला

लखनऊ, 07 नवंबर 2018: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान यह ऐलान किया कि अब फैजाबाद जिला अयोध्या के नाम से जाना जायेगा। छोटी दीवाली पर भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान योगी ने अयोध्या को कई सौगातें दी। उन्होंने मंदिर निर्माण की मांग के नारों के बीच अयोध्या के विकास के लिए खजाना खोल दिया और यहां निर्माणाधीन मेडिकल कालेज का नाम राजा दशरथ के नाम करने और एयरपोर्ट का नाम भगवान श्रीराम के नाम पर रखने का ऐलान किया।

इससे पहले योगी ने अयोध्या में 174 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास तथा निर्मल सरयू के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत नालों के बंद करने की घोषणा की। इन सौगातों को देने के बाद मुख्यमंत्री ने दक्षिण कोरिया की फस्र्ट लेडी किम जोंग सूक व बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन के साथ सरयू तट स्थित रामपैड़ी पर एक साथ तीन लाख दीयों को प्रज्जवलित कर ऐतिहासिक रिकार्ड बनाया।योगी सरकार के आने के बाद अयोध्या में यह दूसरा दीपोत्सव था। दीपोत्सव के जरिए अयोध्या में जिस तरह आयोजन हुआ वह न सिर्फ प्रदेश, देश बल्कि विदेशों तक में छा गया।


जनता की गूंजी आवाज: योगी जी बस एक काम करो, मंदिर का निर्माण करो’

जब योगी ये घोषणाएं कर रहे थे उस वक्त भीड़ नारे लगा रही थी, ‘योगीजी बस एक काम करो, मंदिर का निर्माण करो’। सीएम योगी ने फैजाबाद का नाम बदलने का ऐलान करते हुए कहा, ‘आज से अयोध्या के नाम से यह जनपद जाना जाएगा। यह (अयोध्या) हमारे आन, बान और शान की प्रतीक है। मुझे लगता है कि अयोध्या की पहचान मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम से है। अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम को दुनिया ने स्मरण किया है। अभी तो यह उदाहरण है। आज कोरिया गणराज्य आपके उत्सव में शामिल हुआ है।’


खासतौर पर दक्षिण कोरिया और रूस, कंबोडिया, त्रिनिदाद, लाओस सहित अन्य देशों में। अयोध्या का दक्षिण कोरिया से दो हजार वर्ष पुराना संबंध सोमवार को एक बार फिर नई इबारत लिख रहा था, जब वहां की प्रथम महिला किम जोंग सुक के साथ योगी ने क्वीन हो मेमोरियल पार्क के विस्तारीकरण का शिलान्यास किया।


सरयू नदी के किनारों को किया जायेगा विकसित:

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या और देश की भावनाओं के साथ हम सब जुड़ना चाहते हैं, इसीलिए ऐसे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे कार्यक्रम के आयोजन होते रहेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हरिद्वार की तर्ज पर अयोध्या में भी सरयू के किनारों को विकसित किया जाएगा।


इतिहास के पन्नों और पुराणों में दर्ज त्रेतायुग के श्रीराम के वनवास से वापसी पर जिस तरह गर्मजोशी से स्वागत हुआ होगा, उससे भी बड़ा स्वागत किया गया। पुष्पक विमान के रूप में तब्दील हेलीकाप्टर से विराजे प्रभु श्रीराम, सीता व लक्ष्मण जब सरयू तट पर पहुंचे तो उनकी यूपी के राज्यपाल रामनाईक, बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य व डा. दिनेश शर्मा, केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी व मुख्य अतिथि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की पत्नी श्रीमती सुक ने अगवानी की और हंस आकृति में बने रथ पर विराजकर उन्हें श्रीराम कथा पार्क कार्यक्रम स्थल पर लाए जहां अयोध्या के साधु-संतों के साथ योगी सरकार के मंत्रियों ने आरती उतारकर श्रीराम का राज्याभिषेक किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या व जनकपुर के बीच बस सेवा शुरू की है, वह श्रीराम जानकी विवाह के मौके पर स्वयं साधु-संतों के साथ जनकपुर जाएंगे। इस मौके पर उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को सिलसिलेवार रखा। उन्होंने कहा कि यूपी में हर व्यक्ति अयोध्या में क्या चाहता है सभी को पता है। श्रीराम कथा पार्क में मौजूद बड़ी संख्या में लोगों के बीच से श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर नारे लगाए जा रहे थे।

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