ऊर्जा मंत्री ने मामले की गम्भीरता को देखते हुये कहा बिजली कम्पनियाॅ आयोग आदेशानुसार उपभोक्ताओं को जल्द देगी छूट का लाभ
लखनऊ, 01 जनवरी 2019: नये वर्ष पर प्रदेश के लाखों ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं जो मीटर्ड में शिफ्ट हुये थे, को अब जल्द ही ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा के हस्तक्षेप के बाद अब न्याय मिलना तय है।
बता दें कि उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2015-16, वर्ष 2016-17 व वित्तीय वर्ष 2017-18 के अन्त तक प्रदेश के सभी ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं जो मीटर्ड में शिफ्ट होंगे, उन्हें बिजली बिल में 10 प्रतिशत छूट का प्राविधान किया था, जिसे बिजली कम्पनियों ने लागू न करके छूट का करोड़ो रूपया हड़पने की कोशिश की थी, इस मामले को लेकर पिछले दिनों उपभोक्ता परिषद ने खुलासा किया तो अधकारियों में हड़कम्प मच गया।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने जहाॅ विद्युत नियामक आयोग में 1 दिन पहले इसकी शिकायत की थी उसी क्रम में उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने आज प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से नये वर्ष के पहले दिन सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर एक ज्ञापन सौपा और उनके सामने विस्तार से आयोग आदेशों की प्रति के साथ यह मुद्दा उठाया कि बिजली कम्पनियों ने आयोग आदेशों का उल्लंघन करते हुये ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं का करोड़ों रूपया हड़पने की कोशिश की इसके लिये जो भी वरिष्ठ अधिकारी व अभियन्ता दोषी है उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाय और उपभोक्ताओं को न्याय दिया जाय।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने पूरे मामले को गम्भीरता से लेते हुये उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वस्त किया कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रदेश के ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं जिन्हें अनमीटर्ड से मीटर्ड में सिफ्ट होने पर 10 प्रतिशत की छूट का प्राविधान किया है उसके आधार पर ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं को हर हाल में बिजली कम्पनियों को लाभ देना होगा। इस पूरे मामले में किस स्तर पर उदासीनता बरती गयी और आयोग आदेश के तहत उपभोक्ताओं को लाभ नहीं दिया गया, इसके लिये जो भी अधिकारी दोषी होगें उन्हें चिन्हित कर कार्यवाही की जायेगी। सरकार प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के हित में हमेशा खड़ी है।
ऊर्जा मंत्री के हस्तक्षेप के बाद शक्ति भवन में उच्चाधिकारियों में हड़कम्प मच गया, सूत्रों के अनुसार सभी इस बात की जुगत में लगे रहे कि किस प्रकार अब विद्युत उपभोक्ताओं को इसका लाभ उनके बिल में दिया जाय क्योंकि मार्च 2015 के बाद ऐसे विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 10 से 15 लाख के बीच होना तय है और उन्हें जो लाभ देना पड़ेगा वह करोड़ो में होगा।






