बिजली निजीकरण के खिलाफ उपभोक्ता भी उतरे सड़क पर

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  • उपभोक्ता परिषद ने बिजली निजीकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिये सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के बीच शुरू की पंचायत।
  • हंसखेड़ा, पारा में बीपीएल उपभोक्ताओं के बीच पंचायत में निजीकरण के खिलाफ भारी आक्रोश, सरकारी विभागों पर बकाये पर कनेक्शन काटकर पुनः जोड़े जाने पर उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा।
  • उपभोक्ताओं ने सरकार से की मांग सरकारी विभागों की तरह सभी गरीब आम जनता व गरीबों के हजारों रूपये मात्र बकाये पर कनेक्शन अविलम्ब जुड़वाये सरकार।
लखनऊ, 25 मार्च। उप्र सरकार द्वारा लखनऊ सहित गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ व मुरादाबाद के फैसले के बाद जहां उपभोक्ता परिषद लगातार अपनी लामबन्दी के तहत किसानों व्यापारियों आम जनमानस गरीब उपभोक्ताओं से बिजली निजीकरण पर रायशुमारी कर रहा है। वहीं आज राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के तत्वाधान में बीपीएल विद्युत उपभोक्ताओं की एक पंचायत हंसखेड़ा, पारा लखनऊ में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक आयोजित की गयी। जिसमें सभी विद्युत उपभोक्ताओं ने एक सुर में सरकार के निजीकरण के फैसले का विरोध करते हुए सरकार के निर्णय पर हमला बोला और कहा जो सरकार बिजली, पानी जैसी आवश्यक सेवाएं सार्वजनिक क्षेत्र में आम जनता को उपलब्ध नहीं करा सकती, वह सरकार पूरी तरह उपभोक्ता विरोधी है।
सभी विद्युत उपभोक्ताओं ने पंचायत में यह भी प्रस्ताव पास किया कि जिस प्रकार से कल सरकारी विभागों पर करोड़ों बकाया पर उनकी बिजली काटी गयी और बिना पूरी रकम जमा कराये रात में उनका कनेक्शन जोड़ दिया गया। ऐसे में प्रदेश के सभी गरीब, आम जनता, किसानों व ग्रामीणों जिनकी बिजली मात्र हजारों रूपये के बकाये पर काटी गयी है, उसे सरकार अविलम्ब जुड़वाये। प्रदेश में दोहरा माप दण्ड बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। उपभोक्ताओं ने निजीकरण के फैसले के खिलाफ सड़क पर उतरकर आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान और निजीकरण का फैसला वापस हो के लगे जोरदार नारे।
पंचायत को सम्बोधित करते हुए राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने सभी गरीब उपभोक्ताओं की व्यथा को सुनते हुए इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की कि सरकार निजीकरण का फैसला करके उद्योगपतियों को लाभ देना चाहती है। इस निर्णय का हर स्तर पर विरोध किया जायेगा। कल जिस प्रकार से पूरा पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन सरकारी विभागों के करोड़ों बकाये पर काटी गयी बिजली को जुड़वाने के लिये पूरी मशीनरी का दुरूपयोग किया, उससे यह सिद्ध हो गया है कि प्रदेश की गरीब और आम जनता से सरकार को कोई लेना देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि उप्र की सरकार यह भूल गयी है कि गरीब और आम जनता जिन्होंने अपना बहुमूल्य वोट देकर सरकार को बहुमत में पहुंचाया आज वही सरकार आम व गरीब उपभोक्ताओं के साथ दोहरा मापदण्ड अपना रही है। प्रदेश में लगभग सभी सरकारी विभागों पर लगभग 10 हजार 754 करोड़ का बकाया है और सभी कनेक्शन चालू हैं। यह कैसी सरकार है जहां गरीबों पर जुल्म और अमीरों को राहत प्रदान की जा रही है। उपभोक्ता परिषद पूरे प्रदेश में सभी श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं के बीच अपनी पंचायत कर आर-पार की लड़ाई लड़ेगा लेकिन निजीकरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।
आज की पंचायत में प्रमुख रूप में शामिल होने वाले उपभोक्ताओं में सर्वश्री जनाब खान, राजू गौतम, इन्दिरा गौतम, बाबा, शब्बीर भाई, नूर मोहम्मद, मुन्नी देवी, अशरफ जहां, सुल्ताना, शबीना, सोनी, असकरी सहित अनेकों उपभोक्ता उपस्थित थे।

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