- उपभोक्ता परिषद ने कहा गांव में पुरानी एचटी लाइनें जिनके स्पैन 90 से 110 मीटर लम्बे होने के चलते तार झूलकर टकराते हैं जिससे होती है दुर्घटना उनको सही करने के लिये कब चलेगा अभियान।
- जर्जर लाइनों को बदलने व लम्बे स्पैन में जब तक अतिरिक्त खम्भे लगाने का नहीं चलेगा युद्ध स्तर पर अभियान तब तक अन्न दाता इसी तरह रहेंगे परेशान।
लखनऊ, 24 अप्रैल। जहां एक ओर पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन ‘कनेक्शन दो अभियान’ और बिजली चोरी रोको अभियान’ ‘राजस्व बढ़ाओ अभियान’ आये दिन चलाता रहता है, वहीं दूसरी ओर किसानों की फसलों को बचाने के लिये कब अभियान चलायेगा। गर्मी शुरू होते ही आये दिन अन्नदाता की खड़ी गेहूं की फसलें बिजली के तार टूटने, तारों में स्पार्किंग होने के कारण दर्जनों बीघा जलकर राख हो जाती हैं और किसान असहाय अपनी बर्बादी पर आंसू बहाता है।आज भी गांव में पुरानी एचटी लाइन 90 से 110 मीटर लम्बे स्पैन पर चल रही हैं, जिससे तार नीचे झूलते हैं और हवा चलने पर आपस में टकराने पर स्पार्किंग होती है। जर्जर लाइन टूट कर गिर जाती हैं। ऐसे में जब तक लाइनों पर अभियान चलाकर युद्ध स्तर पर कार्य नहीं किया जायेगा तब तक अन्न दाता की फसल जलती रहेंगी। वर्तमान में नये मानक में एचटी लाइनें 50 मीटर और एलटी लाइनें 40 मीटर के अन्तर्गत स्पैन पर चल रही हैं। ऐसे में जब तक गांव की पुरानी लाइनों के लम्बे स्पैम में अतिरिक्त खम्भे नहीं लगाये जायेंगे जर्जर लाइनें नहीं बदली जायेंगी, सेफ्टी डिवाइस नहीं सही किये जायेंगे तब तक इसी प्रकार अन्न दाता बर्बाद होता रहेगा।







