- ऊर्जा मंत्री का बिजली कम्पनियों को सख्त निर्देश सुचारू विद्युत व्यवस्था बनाये रखने के लिये लगायें पूरी ताकत उदासीनता नहीं होगी बर्दाश्त
- बिजली कम्पनियों की अतिभारित विद्युत व्यवस्था पर पूरे प्रदेश में बढ़ते व्यवधान को लेकर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री के साथ की लम्बी बैठक
लखनऊ 28 मई। भीषण गर्मी के चलते प्रदेश में बिजली की खपत एकाएक बढ़ने के बाद बिजली कम्पनियों का सिस्टम पूरी तरह अतिभारित हो गया। बड़े पैमाने पर ब्रेक डाउन, ट्रांसफार्मर जलने, केबिल फाल्ट, जर्जर लाइनों की वजह से सुचारू रूप से विद्युत आपूर्ति न होने के गम्भीर मामले को लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर लम्बी मंत्रणा की और विस्तार से उनके सामने प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं को रखा।
उपभोकता परिषद ने ऊर्जा मंत्री के सामने यह मुद्दा भी उठाया कि प्रदेश के लगभग 2 करोड़ 11 लाख विद्युत उपभोक्ताओं का कुल संयोजित भार 5 करोड़ 18 लाख किलोवाट है, वहीं 132 केवी सबस्टेशनों की क्षमता मात्र 3 करोड़ 96 लाख किलोवाट है। जिसकी वजह से पीक आवर्स में जब विद्युत उपभोक्ता अपने भार का शत प्रतिशत उपभोग इस भीषण गर्मी में करता है, उस दौरान पूरा सिस्टम कांपने लगता है और चाह कर भी बिजली कम्पनियां उपभोक्ताओं को बिजली नहीं दे पातीं। कई-कई घण्टे पूरे प्रदेश में रोस्टिंग करती हैं।
ब्रेक डाउन व ट्रांसफार्मर जलने जैसी घटनाओं के बाद जब विद्युत उपभोक्ता अभियन्ताओं व कार्मिकों को फोन मिलाते हैं तो कोई उठाता नहीं, जिससे उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ता है और वह प्रदर्शन तक पर उतर आते हैं और वहीं दूसरी ओर पावर कार्पोरेशन में लगातार मैराथन बैठक चलती है जबकि इस समय केवल सुचारू विद्युत व्यवस्था पर काम करना चाहिए। सामग्री की उपलब्धता पर ध्यान देना चाहिए और बैठकों पर रोक लगना चाहिए। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री से यह भी अनुरोध किया कि बिजली विभाग का सरकारी विभागों पर लगभग 10722 करोड़ का बकाया है, उसे सरकार विभाग को दिलाकर अतिभारित सिस्टम को दुरूस्त करने में उसका उपयोग करे।
ऊर्जा मंत्री ने दिये निर्देश:
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने उसी क्षण उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि आज ही बिजली कम्पनियों व पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन को निर्देश दिये जा रहे हैं कि युद्ध स्तर पर ट्रांसफार्मरों, लाइनों व सिस्टम का निरीक्षण/परीक्षण कर ओवर लोडिंग व अतिभारिता को समाप्त करने की दिशा में कदम उठायें। ट्रांसफार्मर समय पर बदलें, प्रदेश में सभी उपभोक्ताओं का फोन बिजली अभियन्ता उठायें, ब्रेक डाउन की समस्या को तय समय में दूर करें व उच्चाधिकारी अनवरत् प्रदेश के उपभोक्ताओं को सुचारू बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सतत् प्रयास करें। ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि सभी बिजली अभियन्ताओं को उपभोक्ता देवो भवः की संस्कृति पर चलकर उपभोक्ता सेवा में सुधार करना होगा। किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने इस भीषण गर्मी के दौरान उपभोक्ताओं से संयम बरतने की अपील की है, जिससे कार्मिक निडर होकर ब्रेक डाउन की समस्या को तय समय में सही कर पायें।






