जब तक विजली की सेवाओं से जीएसटी नहीं होगा समाप्त,तब तक जारी रहेगा विरोध: उपभोक्ता परिषद

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विजली क्षेत्र में जीएसटी वसूली समाप्ति को लेकर उपभोक्ता परिषद ने देश दीपक वर्मा से की मुलाकात, ज्ञापन भी सौंपा

लखनऊ 26 मई। प्रदेश की विजली कम्पनियों द्वारा उपभोक्ताओं के नये कनेक्शन के स्टीमेट, बकाया पर कनेक्शन काटने जोड़ने, प्रोसेसिंग फीस मीटर सम्बन्धी समस्याओं सहित अनेकों सेवाओं पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू किये जाने के विरोध में जहाँ उपभोक्ता परिषद लगातार लड़ाई लड़ रहा है, आज इसी कड़ी में उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने जीएसटी वसूली के मुद्दे पर राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल देश दीपक वर्मा से लखनऊ आगमन पर उनसे वीवीआईपी गेस्ट हाउस में प्रातः 11ः30 बजे मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और इस मुद्दे पर चर्चा की।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने श्री देश दीपक वर्मा के सामने यह मुद्दा उठाया कि एक तरफ भारत सरकार द्वारा विजली के ट्रान्समीशन व वितरण की सेवाएं जीएसटी से मुक्त रखी गयी हैं और जीएसटी दर शून्य है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की विजली कम्पनियाँ अर्थ का अनर्थ लगाकर विजली की अनेकों सेवाओं पर जीएसटी 18 प्रतिशत वसूल कर रही हैं। सबसे बड़ा सवाह यह है कि एक तरफ एक देश एक टैक्स की बात की जाती है, वहीं ऊर्जा क्षेत्र में पहले से ही राज्य सरकार द्वारा इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं से 5 प्रतिशत व अन्य श्रेणी में 7.5 से 20 प्रतिशत तक वसूल की जा रही है। पूरे साल में इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के मद में प्रदेश की विजली कम्पनियाँ लगभग 1500 करोड़ कर वसूल कर लेती हैं, एैेसे में अब अनेकों सेवाओं पर जीएसटी की वसूली पूरी तरह गलत है।
उपभोक्त परिषद अध्यक्ष ने सेक्रेटरी जनरल राज्यसभा से अनुरोध किया कि आप द्वारा विजली के क्षेत्र में लम्बे समय तक उपभोक्ताओं के हित में कार्य किया गया है। इसलिए उपभोक्ता परिषद प्रदेश व देश के उपभोक्ताओं की तरफ से 18 प्रतिशत जीएसटी वसूलने के आदेश को समाप्त कराने के लिए आपका सहयोग चाहता है।
भारत की राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल श्री देश दीपक वर्मा ने उपभोक्ता परिषद के ज्ञापन को लेने के बाद उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के हित में हम उन्हें न्याय दिलाने के लिए यथा सम्भव उचित प्रयास अवश्य करेंगे।

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