- जनपदों में अधिक विद्युत आपूर्ति किये जाने के नाम पर ग्रामीण फीडरों पर शहरी शिड्यूल की दर पर बिलिंग किये जाने का मामला गर्माया
- ऊर्जा मंत्री ने कहा ग्रामीण फीडर पर विद्युत आपूर्ति चाहे जितनी हो उनकी बिलिंग शहरी दर पर बिल्कुल नहीं, सपा सरकार में लागू इस व्यवस्था पर अब लगेगी पूर्णतया रोक
लखनऊ, 04 जुलाई। प्रदेश के अनेक जिलों में वर्ष 2015 में अधिक विद्युत आपूर्ति किये जाने के नाम पर ग्रामीण फीडरों पर स्थापित ग्रामीण घरेलू व किसानों की बिलिंग ग्रामीण शिड्यूल की दर से न करते हुए शहरी बिलिंग शिड्यूल की दर से शुरू कर दी गयी थी और आज भी अनेकों जनपदों में इसको लेकर उपभोक्ता लगातार आक्रोशित हैं कि उनके ग्रामीण फीडर पर अधिक विद्युत आपूर्ति के नाम अभी शहरी शिड्यूल की बिलिंग हो रही है। जिसको लेकर आज उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा के साथ शक्ति भवन स्थित उनके कार्यालय में वार्ता की और एक ज्ञापन भी सौंपा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष द्वारा ऊर्जा मंत्री को यह अवगत कराया गया कि इस पूरे मामले पर इटावा व बरेली का उदाहरण लेकर उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में वर्ष 2016 में एक याचिका दाखिल की थी, जिस पर नियामक आयोग द्वारा यह फैसला सुनाया जा चुका है कि ग्रामीण फीडर पर विद्युत आपूर्ति चाहे जितनी की जाये लेकिन वहां शहरी शिड्यूल की दर पर बिलिंग नहीं की जा सकती। ऐसे फीडरों पर ग्रामीण शिड्यूल की दर पर ही बिलिंग होगी, आयोग द्वारा प्राविधानित व्यवस्था को पावर कार्पोरेशन द्वारा सभी बिजली कम्पनियों को लागू करने हेतु भेज दिया गया था। इसके बावजूद भी अनेकों जिलों में अभी भी ग्रामीण फीडर पर अधिक बिजली देने के नाम पर शहरी शिड्यूल की बिलिंग कर बड़ा राजस्व कमाया जा रहा है, जिससे उपभोक्ता आक्रोशित है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने उसी क्षण निदेशक वाणिज्य पावर कार्पोरेशन को निर्देश दिया कि ऐसे जनपदों को चिन्हित किया जाये जहां पर इस प्रकार की उपभोक्ता विरोधी कार्यवाही अभी भी चल रही है। ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि सरकार 18 घण्टे ग्रामीण क्षेत्र को बिजली आपूर्ति करने के लिये वचनबद्ध है और उनकी वसूली भी ग्रामीण शिड्यूल की दर पर ही होगी। पुरानी सपा सरकार की यह व्यवस्था किसी भी जिले के ग्रामीण क्षेत्र में शहरी दर पर वसूली अब नहीं चलने दी जायेगी। उन्होंने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष द्वारा सौंपे गये ज्ञापन पर उसी क्षण पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष को पूरे मामले पर गम्भीरता से कार्यवाही करने के लिखित निर्देश भी दिये गये।







