वैध विद्युत उपभोक्ता अपने परिसर में बिना टेम्परेरी कनेक्शन के करा सकता है निर्माण कार्य

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  • पूरे प्रदेश में जानकारी के अभाव में बिजली कार्मिक ऐसे उपभोक्ताओं का कर रहे हैं उत्पीड़न जो अपने परिसर पर करा रहे अपने द्वारा लिये गये कनेक्शन के द्वारा एक्सटेंशन कार्य।
  • टैरिफ में है कानूनन व्यवस्था वह अपने स्वीकृत भार के बराबर अपने परिसर में करा सकते हैं
लखनऊ, 10 जून। पूरे प्रदेश में सभी बिजली कम्पनियों में अनेकों ऐसे मुद्दे आ रहे हैं, जहां पर किसी भी श्रेणी का उपभोक्ता जो अपने परिसर पर कनेक्शन ले चुका है और इसी बीच अपनी आवश्यकतानुसार विस्तार हेतु निर्माण कर रहा है तो उस पर असेसमेंट और कहीं-कहीं बिजली चोरी भी दर्ज की जा रही है। जो पूरी तरह गैर कानूनी है। उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2017-18 के लिये जो टैरिफ जारी की गयी है, उसके रेट शिडयूल्ड के बिन्दु-14 पर यह स्पष्ट प्राविधान किया गया है कि कोई भी बिजली का उपभोक्ता जो नियमित विद्युत उपभोक्ता है। यदि वह अपने परिसर पर कोई भी निर्माण कार्य करता है तो वह अपनी स्वीकृत श्रेणी में अपने स्वीकृत भार की परिधि में बिना टेम्परेरी कनेक्शन लिये अपने द्वारा लिये गये टैरिफ श्रेणी में विस्तार हेतु निर्माण कार्य करा सकता है।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं द्वारा यह शिकायत की जा रही है कि वह उदाहरण के तौर पर जैसे 2 किलोवाट के घरेलू उपभोक्ता हैं और नियमित कनेक्शन धारी हैं। अपनी आवश्यकता के लिये अपने परिसर पर जब वह निर्माण कार्य कराते हैं तो उन्हें इस बात के लिये परेशान किया जाता है कि उनके द्वारा टेम्परेरी कनेक्शन निर्माण के लिये क्यों नहीं लिया गया? तो इस बात के लिये सभी बिजली कम्पनियों को आयोग द्वारा जारी टैरिफ का अध्ययन करना चाहिए उसमें विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये पहले से ही यह प्राविधान चला आ रहा है कि कोई भी उपभोक्ता अपनी स्वीकृत श्रेणी में अपने स्वीकृत भार के बराबर परिसर में अपने उसी परिसर में निर्माण कार्य कराने के लिये अधिकृत है, वह जिस श्रेणी में है उसके अनुसार उसे अपने उपभोग का भुगतान करना होगा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के सभी विद्युत उपभोक्ताओं से हम अपील करते हैं कि वह किसी भी समस्या के लिये आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश व विद्युत वितरण संहिता 2005 के प्राविधानों का अवश्य अध्ययन करें, जिससे कोई भी बिजली कार्मिक उनका उत्पीड़न न कर पाये। वह स्वयं भी ज्ञानार्जन कर अपने दूसरे उपभोक्ताओं भाईयों को भी जागरूक करें।

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