- लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र माल में बिजली की विभिन्न सेवाओं पर जीएसटी लागू करने ग्रामीण क्षेत्र में शहरी दर लागू करने सहित अन्य मुद्दों पर किसानों की महापंचायत
- किसानों के मुद्दों को जल्द उपभोक्ता परिषद ऊर्जा मंत्री के सामने उठायेगा
- किसानों ने कहा न मिला जल्द न्याय, तो शक्ति भवन व विधान सभा का लाखों की संख्या में किसान करेंगे घेराव
लखनऊ, 04 जून। भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक के बैनर तले लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र माल पावर हाउस पर आज हजारों की संख्या में किसानों का जमावड़ा लगा और एक महापंचायत सुबह 10 बजे से शुरू होकर देर शाम तक चली, जिसमें किसान बिजली सेवाओ पर 18 से 30 प्रतिशत जीएसटी वसूलने, ग्रामीण क्षेत्र होते हुए लाखों विद्युत उपभोक्ताओं से शहरी दर पर बिजली बिल की वसूली करने सहित अन्य मुद्दों पर किसानों का व्यापक आक्रोश बिजली विभाग के खिलाफ फूटा। किसानों ने कहा यदि शीघ्र न्याय न किया गया तो शक्ति भवन और विधान भवन का घेराव करने के लिये भी लाखों की संख्या में किसानों को विवश होना पड़ेगा।
महापंचायत को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली की अनेकों सेवाओं पर जीएसटी लगाकर 18 प्रतिशत की वसूली करना गलत है। देश में ‘‘वन नेशन वन टैक्स‘‘ का नारा कहां चला गया। क्या सरकार को यह पता है कि विद्युत उपभोक्ता इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के रूप में 5 से 20 प्रतिशत तक विद्युत कर प्रदेश सरकार को दे रहे हैं, ऐसे में जी0एस0टी0 की वसूली क्यों? दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा जब विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ता परिषद की याचिका पर यह आदेश जारी कर दिया है कि किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण फीडर पर चाहे जितनी बिजली दी जाये, लेकिन उसकी वसूली शहरी दर पर नहीं की जायेगी। फिर ऐसे में राजधानी लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र के लाखों विद्युत उपभोक्ताओं से शहरी दर पर वसूली क्यों की जा रही है? तीसरा सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि उप्र सरकार केन्द्र की योजना सौभाग्य के तहत फ्री बिजली दे रही है। ऐसे में गरीब व किसान महंगी बिजली का उपभोग नहीं कर पायेगा, इसलिये बाबा साहब डा0 भीमराव अम्बेडकर द्वारा बताये गये रास्ते कि बिजली सस्ती नहीं बहुत सस्ती होनी चाहिए। उस रास्ते पर चलकर सरकार को ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास करना चाहिए। उपभोक्ता परिषद ने कहा आज किसानों द्वारा जो मांग पत्र सौंपा गया है उसे जल्द ही प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा को सौंपा जायेगा, जिससे किसानों के साथ न्याय हो सके।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने महापंचायत को सम्बोधित करते हुए कहा कि विगत दिनों बिजली दरों में जो व्यापक बढ़ोत्तरी करायी गयी है। उस पर उपभोक्ता परिषद ने पुनर्विचार याचिका नियामक आयोग में दाखिल की है, जिस पर सुनवायी चल रही है। आगे न्याय न मिला तो बड़ा आन्दोलन किया जायेगा।
भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान, अतुल कुमार, आशीष शर्मा, रिहान अहमद, उर्मिला, आशीष कुमार, विकास तिवारी, अजय सिंह द्वारा उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को एक 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए अपनी बात कही गयी।







