गृहमंत्री का संघर्ष समिति को आश्वासन पूरे मामले पर गम्भीरता से सरकार करेगी विचार
लखनऊ, 24 जनवरी 2019: आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में आज एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल ने केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह से उनके दिलकुशा स्थित लखनऊ आवास पर मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा।
संघर्ष समिति ने अपने ज्ञापन में पिछले 5 वर्षों से लम्बित पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल लोकसभा से अविलम्ब पास कराने व सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ द्वारा विगत दिनों सुनाये गये फैसले के आधार पर प्रदेश के लगभग 2 लाख दलित कार्मिकों का रिवर्शन वापस कराये जाने सहित उप्र में अविलम्ब पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था बहाल कराने की मांग उठायी।
संघर्ष समिति ने गृहमंत्री के सामने यह मुद्दा भी उठाया कि देश के विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफसर/प्रोफेसरों की नियुक्ति के मामले में अविलम्ब केन्द्र की मोदी सरकार अध्यादेश लाकर अविलम्ब रोस्टर की पुरानी व्यवस्था को बहाल कराये, जिससे 200 प्वाइंट का रोस्टर बहाल हो सके और 13 प्वाइंट का रोस्टर निष्प्रभावी हो सके जिससे दलित व पिछड़े वर्ग के लोगों का प्रतिनिधित्व विश्वविद्यालयों में सुरक्षित हो सके।
गृहमंत्री से मुलाकात करने वाले आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों सर्वश्री अवधेश कुमार वर्मा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, अन्जनी कुमार, प्रेम चन्द्र, अशोक सोनकर, अरविन्द फरसोवाल ने गृहमंत्री के सामने यह भी मुद्दा रखा कि जिस प्रकार से विगत दिनों गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण बिना किसी आन्दोलन के दे दिया गया और वहीं लम्बे समय से आन्दोलित दलित कार्मिकों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ न दिये जाने से पूरे देश के दलित कार्मिकों में भारी रोष व्याप्त है।
संघर्ष समिति संयोजकों को गृहमंत्री द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि केन्द्र सरकार पूरे मामले पर गम्भीरता से विचार करेगी और उन्होंने कहा कि जहां तक मा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश को लागू कराने का मामला वह प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से सम्बन्धित है, उस पर बात करेंगे।







