आज भी प्रासंगिक हैं गाँधी जी के विचार

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स्थानीय विकास का गांधी चिंतन:

महात्मा गांधी ने भारत की आत्मा को समझा था। यही कारण था कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में जन सहभागिता को सर्वाधिक महत्व दिया। इसी के साथ उन्होंने शिक्षा, स्वच्छता, स्वदेशी स्वावलंबन को महत्व दिया। वह ग्रामीण अर्थव्यवथा को मजबूत बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कृषि, कुटीर उद्योग, पशुपालन की अर्थनीति को उपयोगी बताया। भारतीय परिवेश के लिए यह श्रेष्ठ मार्ग था। उनकी एक सौ पचासवीं जयंती पर यही संकल्प लेना चाहिए। समाज और अर्थव्यवस्था दोनों में भारतीय व्यवस्था के अनुरूप संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता है। गांधी चिंतन से प्रेरणा लेनी होगी।

पर्यावरण व जल संरक्षण करने के साथ-साथ भारत को प्लास्टिक मुक्त बनाने का अभियान सफल बनाना होगा। इसके लिए सरकार के साथ ही समाज को भी योगदान करना होगा। उत्तर प्रदेश राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने लोगों से सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन में सहभागिता तथा उन योजनाओं में खर्च की जा रही धनराशि का सदुपयोग करने की अपील की। महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने आजादी की लड़ाई से लेकर गरीबों के कल्याण व उत्थान के लिए सतत प्रयत्न किए।

लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम में महात्मा गांधी की एक सौ इक्यानवीं जयन्ती की पूर्व सन्ध्या पर समारोह का आयोजन किया गया था। राज्य की वर्तमान सरकार ने विगत ढाई वर्षों के कार्यकाल में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। नई योजनाएं बनाकर जनता को लाभान्वित किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश में सर्वाधिक शौचालय निर्माण कर नारी की गरिमा और सम्मान को बढ़ाया है। बच्चों की शिक्षा के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। गरीबों व जरूरतमन्दों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वस्त्र उद्योग से जुड़े कारीगरों को आधुनिक डिजाइन के परिधानों का निर्माण करना चाहिए।

इस अवसर पर एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग और बैंक आॅफ बड़ौदा के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।ओडी ओपीके लाभार्थियों को टूल किट वितरित किए गए। सोलर चरखे एवं इलेक्ट्रिक चाक का वितरण किया गया। एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों को केन्द्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण वितरित किए गए। मुख्यमंत्र योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री ने स्वच्छता, स्वदेशी और स्वावलम्बन को बढ़ावा देने का कार्य किया था। उन महापुरुषों के सपने को साकार करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार कार्य कर रही है।

वर्तमान सरकार ने स्वच्छता पर विशेष बल दिया है। प्रदेश को स्वच्छ भारत मिशन में सर्वाधिक जनसहभागिता के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इस मिशन के तहत प्रदेश में दो करोड़ इकसठ लाख शौचालयों का निर्माण कराया गया है। स्वावलम्बन को बढ़ावा देते हुए ‘एक जनपद, एक उत्पाद की अभिनव योजना लागू की गई। इससे प्रत्येक जनपद के परम्परागत विशिष्ट उत्पाद को प्रोत्साहन मिला है और उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। इस योजना में विभिन्न संस्थाओं का भी सराहनीय योगदान मिला है।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत दस्तकारों, परम्परागत कारीगरों व शिल्पियों को जोड़ा गया है। महात्मा गांधी जी की जयन्ती के अवसर पर प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने का संकल्प लेना होगा। पर्यावरण एवं जल संरक्षण के कार्य करने होंगे, जिससे मानव, पशुधन एवं धरती माँ का स्वास्थ्य सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि गांधी जी के सपने को साकार करने के लिए परम्परागत एवं खादी उत्पादों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ना होगा। इस दिशा में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा सोलर चरखे एवं इलेक्ट्रिक व सोलर चाक का वितरण एक सराहनीय कदम है।

उत्तर प्रदेश में ऋण वितरण के क्षेत्र में उनतालीस प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विगत वर्ष में प्रदेश द्वारा एक लाख चौदह हजार करोड़ रुपए का निर्यात किया गया, जो पूर्व वर्ष के निर्यात से अठ्ठाइस प्रतिशत अधिक है। समारोह में उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग की नवीन वेबसाइट का लोकार्पण किया गया। इस वेबसाइट की सहायता से जनसामान्य को गो सेवा आयोग के कार्यकलाप के सम्बन्ध में अद्यतन जानकारी सुलभ होगी। वेबसाइट पर शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष लिंक उपलब्ध करवाया गया है, जिस पर गोपालक व गोप्रेमी सूचना व शिकायत प्रदान कर सकते हैं।

इस अवसर पर पद्मश्री मालिनी अवस्थी द्वारा महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि स्वरूप नृत्य नाटिका सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह तक का मंचन किया गया। नृत्य नाटिका में देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में अंग्रेजों द्वारा प्रतिबन्धित गीतों एवं देश की युद्ध कला पर आधारित नृत्यों का प्रस्तुतिकरण हुआ।

  • डॉ दिलीप अग्निहोत्री

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