अब यूपी का उपभोक्ता कोई भी बिजली दर बढ़ोत्तरी सहने में असमर्थ

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file photo

अगामी 3 वर्षों तक बिजली दरों में बिना बढ़ोत्तरी किए बिजली कम्पनियाँ आगे बढ़ने का ढूँढ़े उपाय

लखनऊ,14 अक्टूबर 2019: पिछले महीने यूपी में बढ़ी बेतहाशा बिजली की दरों से हर वर्ग का उपभोक्ता आहत है। बता दें कि पिछले 7 वर्षों में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों में खासतौर पर किसानों, ग्रामीण व शहरी घरेलू की बिजली दरों सहित अन्य की दरों में बिजली कम्पनियों द्वारा व्यापक बढ़ोत्तरी कराने के बाद भी केन्द्र सरकार द्वारा कराई गई ग्रेडिंग में केस्को को छोड़कर प्रदेश की ज्यादातर बिजली कम्पनियाँ लम्बे समय से खरी नहीं उतर रही हैं। जिसको लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मन्त्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर एक प्रस्ताव सौंपा और यह माँग उठायी कि सरकार बिजली कम्पनियों के उच्च प्रबन्धन के खिलाफ जवाबदेही तय करे।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मन्त्री के सामने यह भी मुद्दा उठाया कि अब यूपी सरकार एक उच्चस्तरीय समिति बनाकर बिना बिजली दरों में बढ़ोत्तरी किए सुधार का उपाय ढूँढ़े और सरकार यह भी फैसला करे कि अगले 3 वर्षों तक बिजली दरों में किसी भी प्रकार का इजाफा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की बिजली कम्पनियाँ अपनी फिजूलखर्ची पर प्रतिबन्ध लगायें, मंहगी बिजली खरीद पर प्रतिबन्ध लगायें, बिजली चोरी पर अंकुश लगायें और सबको यूनिट बेस बिल भेजकर राजस्व में बढ़ोत्तरी कर आगे बिना बिजली दर बढ़ोत्तरी के विभाग को सुचारू रूप से चलाने के लिए मसौदा तैयार करें, क्योंकि वर्तमान में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों में इतना ज्यादा बढ़ोत्तरी हो चुकी है कि अब उपभोक्ताओं की हालत ऐसी नहीं है कि वह भविष्य में एक भी बिजली दर बढ़ोत्तरी झेल पायें। वर्तमान में घरेलू, ग्रामीण व किसानों की बढ़ी बिजली दरों में रियायत करने पर भी सरकार विचार करे तो अच्छा होगा।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने गुजरात में ऊर्जा मन्त्रियों के सम्मेलन में देश के ऊर्जा मन्त्री द्वारा बिजली दर पर दिये गये बयान को भी आधार बनाते हुए कहा कि माननीय ऊर्जा मन्त्री का कथन बिल्कुल सही है। यूपी सहित अनेकों राज्य उत्पादन गृहों से रू0 3 से 4 प्रति यूनिट में बिजली खरीद कर विद्युत उपभोक्ताओं को रू0 7 से 8 में बेंच रहे हैं। उसके बावजूद भी उत्पादन गृहों का बकाया बढ़ रहा है, जो चिन्ता का विषय है। ऐसे में अब बिजली दर बढ़ोत्तरी पर यूपी सरकार को विराम लगाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।

प्रदेश के ऊर्जा मन्त्री ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि सरकार आगामी वर्षों में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली, अच्छी बिजली देने की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार हर उन उपायों पर गम्भीरता से काम कर रही है जिससे आने वाले समय में बिजली दरों में बढ़ोत्तरी से बचा जा सके।

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