बोलें: इस प्रकार की घटना भविष्य में न हो
लखनऊ, 19 फरवरी 2019: पीड़ित उपभोक्ता के पक्ष में एक नया मोड़ आ गया गया ऊर्जा मंत्री ने प्रबन्ध निदेशक, मध्यांचल को सख्त निर्देष दिए हैं और कहा कि इस प्रकार की घटना भविष्य में न हो, इसलिए आयोग आदेश को शत-प्रतिशत लागू करने के लिए अविलम्ब जारी करें उन्होंने अधीनस्थों के लिए एडवाइजरी
और उपभोक्ता को अनावश्यक परेशान करने वालों पर कार्यवाही के निर्देष दिए हैं।
बता दें कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाये गये कानून के तहत राजाजीपुरम् में एक उपभोक्ता बृजेश मिश्रा द्वारा अपने भार की परिधि में कराए जा रहे निर्माण कार्य पर मध्यांचल विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा की जा रही लीपापोती पर अन्ततः आज ऊर्जा मंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब उपभोक्ता को न्याय मिलना तय है। आज उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने पूरे मामले को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकांत शर्मा से शक्ति भवन में मुलाकात कर उन्हें सौंपी और उन्हें नियामक आयोग द्वारा जारी कानून को दिखाते हुए कहा कि आपके निर्देश के बाद भी मध्यांचल विद्युत वितरण कम्पनी की जाँच टीम द्वारा उपभोक्ता के मामले में लीपापोती की गयी, जिससे सरकार व विभाग की छवि धूमिल हुयी है।
ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष के सामने ही प्रबन्ध निदेशक मध्यांचल को बुलाकर आयोग द्वारा जारी स्पष्ट कानून के आधार पर यह निर्देश दिया कि आप यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में इस प्रकार के मामलों में किसी भी विद्युत उपभोक्ता का उत्पीड़न न होने पाये। आयोग द्वारा बनाये गये स्पष्ट कानून का पूर्णतया पालन हो। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध मे आप अपने अधीनस्थों को आयोग आदेश के क्रम में एक स्पष्ट एडवाइजरी अविलम्ब जारी करें और साथ ही इस प्रकरण में उपभोक्ता को अनावश्यक परेशान करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करायें।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि ऊर्जा मंत्री सदैव प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के हितों में खड़े रहे हैं। आज उन्होंने एक बार फिर एक नजीर स्थापित करते हुए स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उपभोक्ता उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उपभोक्ता परिषद ने माननीय ऊर्जा मंत्री को उपभोक्ता को न्याय दिलाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया हैं।
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