एसबीआई की याचिका पर प्रयागराज पावर जनरेशन कम्पनी का मालिकाना हक दूसरी कम्पनी को दिलाने को लेकर हुयी आयोग में जोरदार बहस

0
329
आयोग ने उपभोक्ता हित में किये सभी पक्षों से जोरदार सवाल पर कहा ऋण में कमी का लाभ प्रदेश की जनता को मिलना तय 
लखनऊ, 06 मार्च 2019: हाई प्रोफाइल केस प्रयागराज पावर जनरेशन कम्पनी का मालिकाना हक टाटा पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली कम्पनी रिनासेन्ट पावर बेन्चर प्रालि व अन्य को दिलाने को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया की ओर से विद्युत नियामक आयोग में दाखिल याचिका पर आज आयोग अध्यक्ष आरपी सिंह सदस्यगण एसके अग्रवाल व केके शर्मा की उपस्थिति में प्रातः 11 बजे शुरू हुई। जिसमें पावर कार्पोरेशन की तरफ से प्रदेश के महाधिवक्ता राघुवेन्द्र सिंह स्टेट बैंक की तरफ से उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एसके कालिया सहित दर्जनों अधिवक्ता व कम्पनियों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
सुनवाई के दौरान जोरदार बहस के बीच नियामक आयोग ने स्पष्ट रूप से कोर्ट में दो टूक शब्दों में यह कह दिया कि मौजूदा ऋण की धनराशि में कमी के चलते जो भी करोड़ों का लाभ नये क्रेता को होगा ऐसे में नया क्रेता व पावर कार्पोरेशन वर्तमान दरों में उचित कमी करके पूरा प्रस्ताव आयोग के सामने पेश करे। जिस पर 25 मार्च को पुनः सुनवाई होगी आयोग ने कड़े लहेजे में कहा कि दरों में कमी करके उसका लाभ प्रदेश की जनता को हर हाल में मिलना चाहिये। आयोग के बिजली दरों में कमी के सवालों के सामने सभी पक्ष हैरान थे वहीं उपभोक्ता परिषद को खुशी हो रही थी कि जनता के हित में आयोग पूरी तरह मुस्तैद है।
प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थाई सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के सामने पेश होकर उपभोक्ता परिषद को जनहित में सुने जाने हेतु अनुमति मांगा जिसमें आयोग की अनुमति के बाद उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने आयोग के सामने यह मुद्दा उठाया कि चुंकि जय प्रकाश एसोसिएट द्वारा प्रयागराज पावर जनरेशन कम्पनी 1980 मेगावाट जो लगभग 14500 करोड़ में तैयार हुई थी की लेबलाइज टैरिफ रू0 3.02 प्रतियूनिट है और बिडिंग रूट के इस प्रोजेक्ट की दर को विद्युत नियामक आयोग ने विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 63 के तहत टैरिफ एडाप्ट किया जिसमें बिडएयूल्येशन कमेटी द्वारा दिया गया सर्टिफिकट जिस कम्पनी के नाम था अब वह बदल रहा है और साथ ही वित्तीय पैरा मीटर में अन्तर हो रहा है।
ऐसे में आयोग को वर्तमान दरों में 40 से 50 प्रतिशत की कमी करना चाहिये प्रयागराज पावर जनरेशन कम्पनी की वित्तीय स्थिति खराब होने के चलते अब उसे रिनासेन्ट पावर सहित अन्य कम्पनियां जब अधिग्रहरण कर रहीं हैं ऐसे में यह देखा जाना आवश्यक है कि प्रयागराज कम्पनी का पूरा बैंक का ऋण जो पहले 11086 करोड़ था जो वर्तमान में लगभग 10 हजार करोड़ के करीब है और 3229 करोड़ लगभग इक्विटी है। स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया अपने ऋण में कमी करते हुये मात्र लगभग 6 हजार करोड़ रूपये में रिनासेन्ट पावर को ट्रांन्सफर कर रहा है यानि की बेच रहा है ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि नये क्रेता को लगभग रू0 4 हजार करोड़ से 5 हजार करोड़ का लाभ मिल रहा है ऐसे में यह प्रदेश की जनता को ट्रांसफर होना चाहिये यानि की प्रयागराज पावर जनरेशन कम्पनी दरों में कमी की जाय।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने यह भी मुद्दा उठाया कि उप्र सरकार को यह सस्ता प्रोजेक्ट प्रदेश के उत्पादन निगम को दिला देना चाहिये जिसका लाभ प्रदेश की जनता को आने वाले 25 वर्षों तक मिलेगा और जो जनहित में होगा।
Please follow and like us:
Pin Share

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here