- सिंगल प्वाइन्ट कनेक्शन को मल्टी प्वाइन्ट कनेक्शन में कन्वर्ट किये जाने के प्लान में की जा रही उदासीनता पर नियामक आयोग ने उठाया सख्त कदम, कहा: सभी बिजली कम्पनियों के प्रबन्ध निदेशक 7 दिन के अन्दर आयोग को सौंपे पूरा प्लान नहीं तो सभी प्रबन्ध निदेशकों के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 142 के तहत शुरू की जायेगी कार्यवाही
- उपभोक्ता परिषद ने कल ही आयोग अध्यक्ष व सदस्यों की थी मुलाकात और बिजली कम्पनियों की उदासीनता का उठाया था मुद्दा।
लखनऊ, 03 अप्रैल 2019: बिल्डरों की मनमानी के चलते सिंगल प्वाइन्ट कनेक्शन लेकर मल्टी स्टोरी काम्पलेक्सों में बिल्डरों द्वारा उपभोक्ताओं को स्वयं कनेक्शन देकर की जा रही अनाप शनाप वसूली पर जहां देश में उ0प्र0 ऐसा पहला राज्य बना जिसने ऐसे सिंगल प्वाइन्ट कानून को हमेशा के लिये समाप्त कर दिया और अब मल्टी प्वाइन्ट कनेक्शन की व्यवस्था लागू कर दी है। अब प्रदेश में कोई भी सिंगल प्वाइन्ट कनेक्शन नहीं ले सकता।
इस पूरे मामले को लेकर कल ही उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग के चेयर मैन आरपी सिंह व सदस्यगण से मिलकर यह शिकायत की थी कि अभी 90 प्रतिशत सिंगल प्वाइन्ट कनेक्शन जिन्हें 31 मार्च तक मल्टी प्वाइन्ट में कन्वर्ट होना था, उन बिल्डरों व मल्टी स्टोरी काम्पलेक्सों को बिजली कम्पनियों द्वारा कुछ को छोड़कर ज्यादातर को नोटिस तक नहीं दी गयी और वहां आज भी सिंगल प्वाइन्ट व्यवस्था लागू है।

पूरे मामले पर नियामक आयोग अध्यक्ष श्री आरपी सिंह ने गम्भीर कदम उठाया है और उसी क्रम में आयोग के सचिव द्वारा सभी बिजली कम्पनियों के प्रबन्ध निदेशकों को यह सख्त आदेश भेजा है जिसमें यह निर्देश दिये गये हैं कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा फरवरी माह में सभी बिजली कम्पनियों को यह निर्देश दिये गये थे कि उन सभी सिंगल प्वाइन्ट कनेक्शनों जिन्हें 100 प्रतिशत मल्टी प्वाइन्ट में कन्वर्ट किया जाना है, उसका विस्तृत प्लान बिजली कम्पनियां 15 दिन में प्रस्तुत करें, यदि कोई समस्या हो तो बतायें। लेकिन किसी भी बिजली कम्पनी द्वारा आयोग को कोई भी सूचना नहीं दी गयी जिसे आयोग द्वारा गम्भीरता से लिया गया है और पुनः यह निर्देश दिये गये हैं कि सभी बिजली कम्पनियों के प्रबन्ध निदेशक 7 दिन के अन्दर पूरा प्लान आयोग के सामने प्रस्तुत कर दें अन्यथा की स्थिति में सभी बिजली कम्पनियों के प्रबन्ध निदेशकों के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 142 के तहत कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जायेगी।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा नियामक आयोग द्वारा बिल्डरों की मनमानी को रोकने के लिये जिस प्रकार से कदम उठाये गये हैं। वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश के सभी मल्टी स्टोरी काम्पलेक्स जो सिंगल प्वाइन्ट कनेक्शन पर चल रहे हैं, वह मल्टी प्वाइन्ट कनेक्शन में कन्वर्ट हो जायेंगे और उसमें रह रहे फ्लैट मालिक स्वतः बिजली विभाग से कनेक्शन ले सकेंगे और लम्बे समय से चली आ रही उपभोक्ता उत्पीड़न की कार्यवाही समाप्त हो जायेगी। बड़े पैमाने पर देखा गया था कि बिल्डरों द्वारा उपभोक्ताओं से लाखों रूपये नये कनेक्शन के नाम पर वसूला जाता था और बाद में उनसे अनेकों शहरों में रू0 20 से 25 प्रति यूनिट तक बिजली बिल की वसूली की जाती थी।







