पाक की एनएसजी सदस्यता लेने की योजना पर फिर सकता है पानी
वाशिंगटन, एजेन्सी, 29 मार्च। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान की सात कंपनियों को ऐसे संगठनों की सूची में डाल दिया है, जो परमाणु हथियारों के कारोबार में अमेरिकी हितों के लिए खतरा साबित हो सकते हैं। इसमें कहा गया कि अमेरिका का यह कदम परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने की पाक कोशिशों पर पानी फेर सकता है।
यूएस ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी का मानना है कि कंपनियां अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेशी हित के खिलाफ जाने वाली गतिविधियों में शामिल हैं। अमेरिका ने यह तर्क देते हुए पाकिस्तान की इन सात कंपनियों के अलावा दक्षिण सूडान और सिंगापुर स्थित कुल 23 संगठनों को इस सूची में डाला गया है। ट्रंप प्रशासन के इस कदम से इन कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और दूसरे देशों को किए जाने वाले निर्यात पर अंकुश लग जाएगा। इनमें से तीन पाक कंपनियों पर अमेरिकी हितों के खिलाफ जाते हुए असुरक्षित परमाणु गतिविधियों के प्रसार में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
वहीं दो कंपनियों पर इस प्रतिबंधित सूची में शामिल कंपनियों को कच्चा माल आपूर्ति करने, जबकि अन्य दो पर ऐसे ही कंपनियों के कारोबारी रिश्ते रखने के चलते बैन किया गया है। अमेरिका का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब वह पाकिस्तान की सरजमीं पर पलने वाले उन आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिए उस पर दबाव बना रहा है, जो भारत और अफगानिस्तान को निशाना बनाते रहे हैं। इन आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई में कोताही बरतने पर नाराजगी जताते हुए अमेरिका ने इस साल की शुरुआत में उसे दी जाने वाली करीब दो अरब डॉलर की मदद पर रोक लगा दी थी।
वहीं पेरिस स्थित एंटी मनी लांड्रिंग एजेंसी फाइनेंसियल एक्शन टास्ट फोर्स (एफएटीएफ) ने पिछले माग पाकिस्तान को उन देशों की सूची में डालने के पक्ष में वोट दिया था, जो टेरर फंडिंग को रोकने के लिए कुछ खास कदम नहीं उठा रहे। एफएटीएफ ने पाकिस्तान को अपनी राह सुधारने के लिए तीन महीने की मोहलत दी थी, जिसमें अगर उसने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो जून में उसे प्रतिबंधित किया जा सकता है।







