दासता वाले समाज से ओमान के उबरने के दौर ने दिलाया जोखा अल्हार्थी को बुकर पुरस्कार

0
498
गूगल से साभार
  • पुस्तक में तीनों बहनें दासता वाले समाज से ओमान के उबरने के दौर की बनती हैं गवाह
  • ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को बुकर पुरस्कार

नई दिल्ली, 24 मई 2019: ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को उनकी पुस्तक ‘‘सेलेस्टियल बडीज’ के लिए प्रतिष्ठित मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार पाने वाली वह प्रथम अरबी लेखिका हैं।यह पुस्तक लेखिका के देश में औपनिवेशिक काल के बाद के परिवर्तन को प्रदर्शित करती है।

मीडिया ख़बरों के अनुसार पुस्तक की कहानी के केंद्र में तीन बहनें-माया, अस्मा और ख्वाला हैं। पुस्तक में ये तीनों बहनें दासता वाले समाज से ओमान के उबरने के दौर की गवाह बनती हैं। अल्हार्थी (40) ने मंगलवार को राउंडहाउस में एक समारोह के बाद कहा, मैं इस बात को लेकर बहुत खुश हूं कि समृद्ध अरबी संस्कृति के लिए एक राह खुली है।

वह पुरस्कार में मिली 50,000 पाउंड (64,000 डॉलर) की राशि इस पुस्तक का अनुवाद करने वाली अमेरिकी विद्वान मेरीलिन बूथ के साथ साझा करेंगी, जो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अरबी साहित्य पढाती है। जूरी की प्रमुख बेटनी हग्स ने मंगलवार को कहा, जिस उपन्यास ने यह पुरस्कार जीता है, उसने दिल और दिमाग दोनों जीत लिया है।

गौरतलब है कि ‘‘सेलेस्टियल बडीज’ ने पांच अन्य शार्ट लिस्ट पुस्तकों को पछाड़ कर यह पुरस्कार अपने नाम किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here