बीजिंग, 26 जुलाई 2018: चीन का कहना है कि बौद्ध बहुल तिब्बत क्षेत्र में बच्चों को गर्मियों की छुट्टियों के दौरान धार्मिक गतिविधियों में भाग नहीं लेने दिया जाए। क्षेत्रीय राजधानी ल्हासा में एक शैक्षिक अधिकारी के हवाले से कहा कि छात्रों को छुट्टियों के दौरान किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि में भाग न लेने के समझौते पर हस्ताक्षर करने को कहा गया है।
यह नीति पारंपरिक रूप से बौद्ध संस्कृति वाले इस हिमालयी क्षेत्र में तेजी से बढ़ती सख्त पाबंदियों को दर्शाती है, जिसका मकसद तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के प्रभाव को कम करना है। दलाई लामा भारत में निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक मिडल स्कूल के राजनीति शिक्षा विभाग के प्रमुख चोएफेल के हवाले से कहा कि छात्र अपने माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन में नियमों का पालन कर रहे हैं। गौरतलब है कि चीन सात दशकों से भी अधिक समय से तिब्बत पर अपना दावा जताता है और वह दलाई लामा को एक खतरनाक अलगाववादी बताता है। अब चीनी अधिकारी बौद्ध धार्मिक संस्थानों को निशाना बना रहे हैं जो क्षेत्र की संस्कृति की रीढ़ माने जाते हैं।







