नई दिल्ली, 12 फरवरी 2019: पाकिस्तान के क्रांतिकारी कवि हबीब जालीब की बेटी लाहौर में प्राइवेट टैक्सी चलाती हैं. साल 2014 में पाकिस्तान अधीन पंजाब सरकार ने उनकी मां का वजीफा (स्टाईपेंड) बंद कर दिया था. उसके बाद से परिवार को पालने के लिए बेटी ताहिरा हबीब टैक्सी चलाती हैं. ताहिरा हबीब जालीब लाहौर के मुस्तफा टाउन की रहने वाली हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो ताहिरा ने बताया कि उनकी मां को महीने में 25000 का वजीफा मिलता है जिसे पाकिस्तान अधीन पंजाब सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री शहबाज शारीफ ने 2014 में बंद कर दिया था. ये पैसा उन्हें कवि कोटा से दिया जाता था. इसके बाद 2014 में ही उनकी मां की मौत हो गई थी. ताहिरा ने सरकार से गुजारिश की है कि उनकी मां का वजीफा दोबारा शुरू कर दिया जाए. उनका परिवार इस समय आर्थिक परेशानियों से गुजर रहा है. हालांकि उन्होंने अपने दोस्तों और मीडिया को उनकी आवाज उठाने के लिए धन्यवाद दिया.

जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार ताहिरा अपना परिवार चलाने के लिए लाहौर में प्राइवेट टैक्सी चलाती हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपनी बहन और बच्चों के साथ रहने वाली ताहिरा को बीते बुधवार को लाहौर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी ने 75 हजार रुपए का बिजली का बिल भेजा. बिल देखते ही ताहिरा के होश उड़ गए.
ताहिरा ने जियो टीवी से बातचीत में बताया कि अपने पूरे परिवार में वह इकलौती कमाई करती हैं. टैक्सी चलाकर उनका और उनके परिवार का भरण पोषण करती हैं. ताहिरा ने बताया कि उन्होंने अपनी टैक्सी लोन पर ली है. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें टैक्सी चलाने में कोई शर्म नहीं आती. ये कोई बड़ी बात नहीं है कि उनके पिता इतने बड़े कवि थे. इससे उनके गाड़ी चलाने का कोई नाता नहीं है.







