सूमो रिंग में जाकर मेयर को बचाने की कोशिश कर रही थीं महिलाएं
टोक्यो,07 अप्रैल। नॉर्थ वेस्ट क्योटो के मायजुरु में एक सुमो रिंग में लोगों को संबोधित करते हुए वहां के मेयर नीचे गिर गए। इसके बाद दो महिलाएं उनके पास जाकर उन्हें बचाने की कोशिश करने लगीं, इस दौरान बार-बार उन्हें सूमो रिंग से बाहर जाने के लिए कहा गया। स्थानीय अधिकारी नोरिको मिवा के मुताबिक जब दोनों महिलाएं मेयर को बचाने की कोशिश कर रही थीं तब लाउड स्पीकर पर बार-बार घोषणा हो रही थी कि वे रिंग से बाहर निकल जाएं।
हालांकि मेडिकल एमरजेंसी में मदद के लिए सामने आई महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी के लिए जापान सूमो असोसिएशन के अध्यक्ष ने उनसे माफी मांगी है। जिस रिंग में सूमो की प्रैक्टिस की जाती है उसे सूमो दोह्यो कहा जाता है और इसे शिंटो मान्यता में बेहद पवित्र माना जाता है। जापान की संस्कृति में महिलाओं को अपवित्र माना जाता है और उन्हें सूमो रिंग में जाने की इजाजत नहीं है।
सूमो असोसिएशन के चीफ हक्काकू ने महिलाओं को रिंग निकालने के लिए की गई घोषणाओं को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि घोषणा रेफ्री ने की जो कि महिलाओं के रिंग में जाने से परेशान थे लेकिन स्थिति को देखते हुए यह अनुचित था क्योंकि यह एक व्यक्ति की जिंदगी का सवाल था। हम इसके लिए माफी मांगते हैं। साल 1990 में तत्कालीन चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी मायुमी मोरियामा रिंग में सूमो चैम्पियन को प्रधानमंत्री कप देना चाहती थीं। हालांकि अत्यधिक कंजरवेटिव सूमो बॉसेस के चलते वह केस हार गईं। इसके करीब 10 साल बादा ओसाका की मेयर फुसाई ओटा ने फिर यह मसला उठाया। उन्होंने चैम्पियंस ट्रॉफी देने की कई कोशिशें की लेकिन उन्हें भी रिंग में बैन कर दिया गया।







