- दिल्ली में वायु प्रदुषण को स्वच्छ करने की अनोखी तकनीक को किया जाएगा प्रस्तुत
- राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला का गैस मेट्रोलॉजी अनुभाग पायलट के स्वतंत्र सत्यापन की पुष्टि करेगा
नई दिल्ली 14 जून, 2018: एवरजेन सिस्टम ने अपने तकनीकी पाटनर एयरलैब्स के साथ ‘एयरहेवन’ के लॉन्च की घोषणा की। ‘एयरहेवन’ विश्व का प्रथम स्वच्छ वायु क्षेत्र है, जिसे दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब के लाखी शाह बंजारा हॉल में भारत भर में वायु प्रदुषण को दूर करने की कपिनियों की योजना की घोषणा के साथ इस क्रन्तिकारी टेक्नोलोजी के टेक्नोलॉजी हेतु प्रदर्शित किया गया है।
इस अवसर पर डॉ मैथ्यू जॉनसन, कोपेनहेगन विश्व विद्यालय में वायुमंडलीय रसायन विज्ञान के प्रोफेसर और एयरलैब्स के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी तथा सुखबीर एस सिद्धू संस्थापक और सीईओ, एवरजेन सिस्टम, डॉ शंकर अग्रवाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक, गैस मेट्रोलॉजी अनुभाग, राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला और डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजीत सिंह उपस्थित थे।
एयरहेवन ने लंदन में सीटीट्री लॉन्च करके, ब्रिटेन में शहरी वायु प्रदुषण का सामना करने टेक्नोलॉजिकल निवारण इन्सस्टाल करने वाली प्रथम कंपनी बनने का सम्मान प्राप्त किया था। पूरे ब्रिटेन में सीटीट्री इन्स्टाल करने के लिए कंपनी महानगर पालिकाओं, स्थानियों अधिकारीयों और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर कार्यरत है।
एयरहेवन एक ऐसी वास्तु शिल्प कृति है जिसे वायु प्रवाह के नियंत्रण हेतु तरलता के नियमों का उपयोग करके विशेष रूप से डिजाइन करके बनायी गयी है। एयरहेवन उच्च कार्यक्षमता वाले कंप्यूटिंग के साथ वैसी ही क्षमता वाले एयर फिल्टर्स का संयोजन करता है। अनोखी एयरलैब्स टेकनोलोजी वायुमंडलीय रसायनशास्त्र और एयरफ्लो इंजीनिरिंग का संयोजन करके, हवा से मोनो नाट्रोजन ऑक्ससाइड NOx, सोवडयम ऑक्ससाइड SOx, कॉर्बन डायक्ससाइड CO2 और ओजोन जैसे गैसों को दूर करने के लिए रासायनिक माध्यम तथा 97-99% तक फाइन डस्ट पार्टटकल्स ( धूल के कण) हटाने के लिए नैनो पार्टिकल्स के संयोजन वाली विषिश्ट ड्यूल फ़िल्टर सिस्टम का उपयोग करता है।
इस लॉन्च के अवसर पर बातचीत करते हुए एवरजेन सिस्टम लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ श्री सुखबीर सिंह ने कहा, “वायु की गुणवत्ता बडी समस्या है और शायद ही कोई ऐसा दिन होगा जब राष्ट्रीय या शहरी मीडिया में हमारी वायु की खराब गुणवत्ता और मानव-स्वास्थ्य पर इसके दुष्प्रभाव पर चर्चा न होती हो। इस समस्या का हल ढूूँढने के लिए
हमारी कंपनी ने 2016 की शुरुआत से प्रयास कर रही है।







