कट्टरपंथी हमलों से मीडिया दफ्तर जले, भारत विरोधी नारे गूंजे
ढाका, 24 दिसंबर 2025: बांग्लादेश में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। 18 दिसंबर को प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देशभर में हिंसा फैल गई, जिसमें कट्टरपंथी तत्वों ने प्रमुख अखबारों प्रथम आलू और द डेली स्टार के दफ्तरों पर हमला किया। भीड़ ने तोड़फोड़ की, आग लगाई और पत्रकारों-कर्मचारियों को घंटों इमारतों में फंसा रखा।
पत्रकारों ने इसे ‘जीवन-मरण का संघर्ष’ बताया। संपादकों का कहना है कि अब अभिव्यक्ति की आजादी से ज्यादा जीवित रहने का अधिकार बड़ा मुद्दा बन गया है। हमलावरों ने इन अखबारों को ‘भारत और शेख हसीना का समर्थक’ बताकर निशाना बनाया।
हादी की हत्या के बाद भारत विरोधी भावनाएं भड़कीं। कट्टरपंथी नेता आरोप लगा रहे हैं कि हत्यारा फैसल करीम भारत भाग गया। हालांकि बांग्लादेश पुलिस और सरकार ने कहा कि इसके कोई ठोस सबूत नहीं हैं। हादी 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरे थे और फरवरी 2026 के चुनाव में उम्मीदवार थे। उनकी मौत के बाद विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसमें मीडिया, सांस्कृतिक केंद्र और अल्पसंख्यकों पर भी हमले हुए।
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इस बीच अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने दोहराया कि राष्ट्रीय चुनाव 12 फरवरी 2026 को समय पर होंगे। उन्होंने पूर्व सरकार पर ‘निरंकुशता’ का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता मतदान का अधिकार वापस पाने को बेसब्री से इंतजार कर रही है।
देश में बढ़ती हिंसा से फरवरी चुनाव पर सवाल उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है कि यह लोकतांत्रिक बदलाव को खतरे में डाल सकता है।







