लखनऊ, 28 मार्च। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बुधवार को प्राइवेट स्कूलों में चल रही अवैध वसूली को लेकर परिषद कार्यकर्ताओं ने लखनऊ स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।

प्रांत संगठन मंत्री सत्यभान सिंह भदौरिया ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में महंगी शिक्षा व्यवस्था के अलावा एक साथ तीन महीने की फीस, फिक्स दुकानों पर बिक रहीं कापी किताबों और वाहन आदि के मनमाने शुल्क को लेकर विद्यार्थी परिषद ने कई बार विरोध प्रदर्शन किया है। लेकिन शिक्षा विभाग इस मुद्दे पर आंख मूंदे हैं। इसीलिए परिषद कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में हो रहे बाजारीकरण को बंद कराया जाना चाहिए। फीस को लेकर एक स्लैब प्रशासन तय कराए ताकि लूट खसोट न हो सके। उन्होंने कहा कि बहुत सारे स्कूल बगैर मान्यता के चल रहे हैं। इसमें अधिकारियों की भी मिलीभगत है। जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रांत मंत्री राहुल वाल्मीकि ने बताया कि निजी स्कूलों में फीस वृद्धि, किताब-कॉपी व ड्रेस में कमीशनखोरी के विरोध में अनेकों बार प्रदर्शन हुए हैं। लेकिन इस पर कोई कार्यवाही अभी तक हुई नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष निजी स्कूलों में फीस में वृद्धि कर दी जाती है। जिससे अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फीस के साथ ही अब स्कूल से कॉपी-किताब भी दिया जा रहा है। डील वाले दुकानों से ही ड्रेस लेने की अनिवार्यता कर दी गई है। कमीशनखोरी में शहर के अच्छे स्कूल प्रबंधन भी शामिल हैं। इससे अभिभावकों का बजट गड़बड़ा जा रहा है।
विभाग संगठन मंत्री अभिलाष ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने कई बार डीआईओएस को ज्ञापन देकर अभिभावकों से होने वाली लूट पर रोक लगाने और स्कूलों में शिक्षा का बेहतर वातावरण बनाने की मांग की है लेकिन इसके बावजूद अभी तक प्रशासन से लेकर अन्य जिम्मेदार लोगों ने इस विषय पर गंभीरता से कोई प्रयास नहीं किया।
इस अवसर पर प्रांत सह मंत्री विवेक सिंह मोनू, अंशुल श्रीवास्तव, आशुतोष काशी, गौरव, गुरजीत सिंह, हैरी सिंह, अभिषेक, अनिमेष, राणा, सौरभ राय, शिवा गौड़, आशुतोष सिंह, अभिनव श्रीवास्तव, प्रशांत, सूरज, इकबाल समेत अनेक लोग उपास्थित रहे।







