क्या भारत बिटकॉइन पर पूर्ण नियंत्रण कर पायेगा!

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अनुराग चौधरी

पूरी दुनिया में जो भी मुद्रा है उस पर किसी ना किसी सरकार का उस पर नियंत्रण होता है पर बिटकॉइन ऐसी मुद्रा है जिस पर किसी भी सरकार का नियंत्रण नही है।

बिट कोइन एक क्रिप्टोकरेंसी है जो पैसे के आसानी से लेन देन में सहूलियत देता है। इसका प्रयोग पैसे भेजने के लिए वैलेट एप का इस्तेमाल किया जाता है।

आप को जो भी रूपया भेजना है वो वैलेट एप में टाइप कीजिए जिसको भेजना है उसका अकाउंट नंबर टाइप करिए और उसे पैसे भेज दिए जायेंगे यानि बिटकॉइन भेज दिए जायेंगे। बाद में वह व्यक्ति उस बिटकॉइन को अपनी मुद्रा में बदल सकता है। एक बिटकॉइन 13000 डालर के बराबर होता है।

बिटकॉइन नेटवर्क  में दो KEY होती है एक प्राइवेट KEY होती है और एक पब्लिक KEY होती है जो निजता को बना कर रखती है।

बिटकॉइन एक डिजिटल करेंसी है जो किसी बैंक या सरकार से जुडी हुई नही होती है। जैसे हमारा भारतीय रुपया भारतीय रिज़र्व बैंक से जुडा हुआ है जिसे भारतीय रिज़र्व बैंक विनियमित करता है। बिटकॉइन, सरकार या बैंक से ना जुडी होने कि वजह से कोई भी गुपचुप तरीके से बिना कर दिए हुए पैसा खर्च कर सकता है।

बिटकॉइन कैश का ऑनलाइन संस्करण है जिससे आप बहुत सी वस्तुयें खरीद सकते है जैसे हार्डवेयर के सामान ,पेंट, कुछ खाने कि वस्तुयें, पर यह ज्यादा अभी भारत में प्रचलित नही है जिससे हर जगह इस तरह की दुकानों की उपलब्धता मुश्किल है।

बिटकॉइन नेट्वर्क को कोई भी संस्था अपने नियंत्रण में नही रखती है बिटकोइन नेटवर्क से कोई भी जुड़ सकता है।

बिटकॉइन से जितने भी लेन देन अब तक हुए है वो सारे PUBLIC LEDGER में जमा है। PUBLIC LEDGER की साइज़ 107 GB (गीगाबाइट) होती है इस PUBLIC LEDGER में सिर्फ खाताधारक का नंबर व कितने बिटकॉइन का लेन देन हुआ ही रिकॉर्ड में रहता है।

1 नवम्बर 2008 को एक ऑनलाइन फोरम  था जिस पर लोग बात कर रहे थे एक डिजिटल करेंसी के बारे में तभी वहां सातोशी नाकामोटो नाम का एक यूजर आता है, जो लोगों के सामने एक प्लान बताया की हम लोग एक डिजिटल करेंसी बनाते है बिटकॉइन के नाम से, सातोशी नाकामोटो नाम  का कोई व्यक्ति है या नही कहाँ का था कोई साक्ष्य उपलब्ध नही है।

बिटकॉइन कि खोज करने के बाद सातोशी नाकामोटो सिर्फ एक साल तक ही ईमेल का जवाब दिए उसके बाद उन्होंने इसका जवाब देना बंद कर दिए।

असली पैसे को बिटकॉइन से खरीदा जा सकता है, चूँकि पहले से ही हम लोग रूपये के जगह सोना चांदी का प्रयोग लेन देन में करते आ रहे है। जैसे अमेरिका में पहले  AZTECKS  कोकाबिन (COCOA BEANS ) का प्रयोग करते थे।

हाल ही में बिटकॉइन का महत्व 60% तक बढ़ गयी है। इन दिनों ज्यादातर देश इसका प्रयोग कर रहे है जल्दी और सस्ती लेन देन के लिए।

जापान ने क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी मुद्रा मान ली है, रूस भी कानूनी मुद्रा घोषित करने पर विचार कर रहा है। जापान इस समय दुनिया का सबसे बड़ा बिटकॉइन बाजार बन चुका है।

अभी हाल ही में हम लोगों ने सुना था की रैमसमवेयर (RANSOMWARE) नामक वायरस ने दुनिया भर के कम्पूटर को हैक कर लिया था और लोगो से फिरौती मांग रहे थे और वो सारी फिरौती बिटकॉइन में मांग रहे थे क्योंकि बिटकॉइन में फिरौती मांगने वाले को पकड़ना मुश्किल है।

बिटकॉइन के प्रयोग के फायदे भी बहुत है अगर आप को दुनिया में कहीं भी जल्दी से जल्दी पैसा पहुँचाना है तो सस्ते और आसानी से बिटकॉइन के द्वारा संभव है।

बिटकॉइन के प्रयोग के नुकसान भी है चूँकि ज्ञात है की भारत में 90% इंटरनेट यूजर को बिटकॉइन के प्रयोग के बारे में पता ही नही है, बिटकॉइन कभी भी घट बढ़ सकता है, 21 मिलियन से ज्यादा बिटकॉइन नही हो  सकते।

गूगल के पूर्व सीईओ ERIC SCHMIDT  ने कहा “बिटकोइन एक असाधारण क्रिप्टोग्राफिक उपलब्धि है यह एक अच्छी चीज है जो दुनिया को अच्छा प्रभाव देगी”।

PAYPAL के सह संस्थापक पीटर थिएल ने कहा “ बिटकॉइन दुनिया को बदल सकता है”।

अभी हाल में क्या हुआ की भारत ने उन लोगो को नोटिस भेज दिया जो लोग क्रिप्टोकरेंसी में व्यापार कर रहे थे और कर नही दे रहे थे।

आज के समय भारत में क्रिप्टोकरेंसी की व्यापार दर 3.5 मिलियन पहुँच गई है। इसका प्रयोग कंप्यूटर जानकार युवा निवेशक, रियल इस्टेट व्यवसायी ,सोना व्यवसायी कर रहे हैं व जिसके पास पैसे है वो लोग बिटकोइन और आभासी मुद्रा (VIRTUAL CURRENCY ) का प्रयोग बड़े धलल्ले से कर रहे है।

भारत में सबसे ज्यादा बिटकॉइन का प्रयोग मुंबई ,दिल्ली ,बेंगलोर, पुणे जैसे बड़े शहरों में काफी बढ़ गया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने कई बार इस प्रकार के लेन देन करने वाले निवेशकों को हिदायत दी थी।  वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तो यहाँ तक कह दिया की बिटकोइन भारत में लीगल टेंडर नही है आप यहाँ निवेश मत करिए यहाँ आपको नुकशान हो सकता है। भारत में हर महीने बिटकॉइन का प्रयोग करने वाले करीब 2000 यूजर  बढ़ रहे हैं।

आयकर अधिनियम 1961 की धारा 55 जो कहता है की स्व उत्पन्न CAPITAL ASSESTS पर कर नही लगेगा पर वह बिटकॉइन अगर खरीददारी में प्रयोग में लाया गया तो कर देना पड़ेगा। इस तरीके की बड़ी लेनदेन करने पर 20% तक कर चुकाना पड़ता है।

भारत में पाबंदी जरूरी:

आजकल जिसके भी पास बेहिसाब पैसा (BLACK MONEY) है वे लोग बिटकॉइन के प्रयोग की तरफ काफी तेजी से बढ़ रहे है इसलिये आज की तारीख में बहुत जरूरी हो गया था इस पर पाबंदी लगाना।
  • जो भी भारत की खुफिया विभाग हैं वो सब पहले ही पाबंदी लगाने के लिए कह चुकी थी। खुफिया विभाग का मानना है की अपहरण/व्यपहरण जैसी घटनाएँ बढ़ सकती हैं, इससे और भी अपराध बढ़ सकते हैं, जिससे राष्ट्रिय सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
  • जो भी भारत के आपराधिक सिंडीकेट, नशीली दवावों के तस्कर,कर चोर हैं इससे आसानी से रुपये को बिटकोइन में बदल सकते हैं
  • भारत के लोग भी इस तरीके के  क्रियायों में आगे बढ़ रहें है क्योंकि डिजिटल पैसे पर टैक्स छापे मारना मुश्किल है।
  • आज भारत दुनिया में  क्रिप्टोकरेंसी के प्रयोग में 19 वें स्थान पर है।
  • ZEBPAY जो भारत का सबसे बड़ा बिटकॉइन लेन देन का फोरम है उसके रिपोर्ट के अनुसार 2017 में एक लाख से बढ़ कर  पांच लाख तक इसके यूजर हो गये हैं।
  • अमेरिका ने बिटकॉइन के प्रयोग को कानूनी बना दिया है और वहां कि सरकार इस तरीके के व्यापार और निवेशकों पर कर लगाने पर विचार कर रही है।
  • कनाडा ने भी बिटकॉइन के प्रयोग को कानूनी मान्यता दे दी है।
  • ऑस्ट्रेलिया ने भी काफी हद तक बिटकोइन को मान्यता दे दी है और कानूनी रूप भी दे दिया है।
  • लगभग पूरे ऊरोप में जैसे बेल्जियम ,साइप्रस ,यूके ,स्विट्ज़रलैंड ,इटली ,नीदरलैंड ,फ्रांस सारे देश बिटकॉइन को कानूनी रूप दे दिया गया है।
  • सिंगापुर में भी बिटकॉइन कानूनी है।
  • जापान ने भी बिटकॉइन को कानूनी कर दिया है यहाँ की सरकार ने बिटकॉइन को डिजिटल मुद्रा मान ली है और यहाँ के लोग बढ़ चढ़ कर निवेश कर रहे हैं।
  • इसराइल ने भी बिटकॉइन को कानूनी मान्यता दे दी है।

रूस ने अभी कानूनी मान्यता नही दी है उसे लग रहा है उसकी मुद्रा रूबल को प्रभावित करने के लिए बिटकॉइन मुद्रा अमेरिका की साजिश हो सकती है। रूस ने एक क्रिप्टो सिक्का बना दिया है और इसे अपने देश में लागू कर दिया है। जो आगे चल कर भारत भी कर  सकता है पूरी तरीके से नियन्त्रण के लिए, जो उस मुद्रा को भारत सरकार विनियमित करेगी। जिसमे काफी नियम और विनियमन होंगे जो लोगों को निवेश करने के लिए आकर्षित करेंगे।

जैसा की हम लोग जानते हैं की  बांग्लादेश और नेपाल ने बिटकॉइन को बैन कर रखा है पर आज भी बांग्लादेश और नेपाल के लोग बिटकॉइन से व्यापार कर रहे हैं उसको पूरी तरीके से नियन्त्रण में नही कर पा रहे हैं।

भारत ने भी इसी की तर्ज़ पर बिटकॉइन को बैन कर दिया है अब देखना यह है की क्या भारत इस पर पूर्ण नियन्त्रण रख पायेगा या बांग्लादेश और नेपाल की तरह ही इसका भी नियन्त्रण इस पर संभव नही हो पायेगा, अगर पूर्ण नियन्त्रण कर पाता है तो यह फैसला आपराधिक सिंडीकेट, नशीली दवावों के तस्कर, कर लुटेरों पर जोरदार हमला साबित होगा।

लेखक डा. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के (तृतीय वर्ष ) के छात्र हैं

3 COMMENTS

  1. लेख के द्वारा अपने लोगों को एक सरल भाषा में समझाने का प्रयास बेहतर तरीके से किया है। भारत के सन्दर्भ में भी बिटक्वाइन के मायने को अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया है।।

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