पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा आदिवासी समाज के बच्चे नए भारत की नींव, यश और सराहना की कामना किए बिना समाज की सेवा करता है स्वयंसेवक
लखनऊ/उन्नाव: राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि आदिवासी (वनवासी/जनजाति) समाज के बच्चे नए भारत की नींव हैं। ईश्वर ने इन्हें अद्भुत क्षमताएं दी हैं, ये हिंदू समाज की मजबूत नींव हैं। धर्मांतरण की कोशिशों को वनवासी संगठनों ने नाकाम किया।
स्वयंसेवक यश-सराहना की इच्छा रखे बिना समाज सेवा में जुटे रहते हैं। जहां कोई नहीं खड़ा होता, वहां स्वयंसेवक मौजूद होता है। कुष्ठ रोगियों के लिए आश्रय स्थल बना और जल्द जनजाति उन्नयन के लिए तीरंदाजी केंद्र भी बनेगा।
उन्होंने भेदभाव और साम्प्रदायिकता की खिचड़ी से दूर रहने की अपील की, जो समाज का माहौल बिगाड़ती है। जीवन में दूसरों के लिए जीना ही सच्चा है, सेवा से भगवान के निकट पहुंचा जा सकता है।
एक अन्य कार्यक्रम में उन्होंने SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को यज्ञ बताया। हर व्यक्ति को कम से कम 10 नए मतदाताओं के नाम दर्ज कराने चाहिए। कोई वैध मतदाता (किसी भी जाति-धर्म का) छूटना नहीं चाहिए। कार्यकर्ता घर-घर जाकर सुनिश्चित करें, आखिरी तारीख का इंतजार न करें।
भारतीय खिलाडियों पर आज हो रही है मेडल की बरसात : डा दिनेश शर्मा
खेलों पर बोलते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों पर मेडल की बरसात हो रही है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलो इंडिया मंत्र और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को। अब “खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे महान” का दौर है। यूपी सरकार खिलाड़ियों को नौकरी भी दे रही है।
देश अब नौकरी मांगने वाला नहीं, देने वाला युवा तैयार कर रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण रोजगार के लिए जी राम जी बिल लाए हैं, जो मनरेगा से बेहतर है, भ्रष्टाचार मुक्त, गांव में ही 125 दिन रोजगार, पक्के निर्माण और गांव स्तर पर निर्णय।
उन्नाव को शहीदों-साहित्यकारों की भूमि बताते हुए कहा कि देश की बात है, जाति-धर्म के बंधन नहीं। सभी सनातनी और भारत मां के लाल हैं।







