प्रांतीय कार्यकारणी ने प्रदेश भर से आये अपने 36 नवप्रोन्नत सहायक लेखाधिकारियों को किया सम्मानित
लखनऊ, 07 मार्च, 2021: उप्र पावर आफीसर्स एसोशिएसन की प्रांतीय कार्यकारणी की आज एक मीटिंग सम्पन्न हुई जिसमें दलित व पिछड़े वर्ग के अभियंताओ की विभिन्न समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया, जिसमें सभी सदस्यो ने सर्व सम्मत से 3 प्रस्ताव पास किए।
प्रांतीय कार्यसमिति ने कहा कि 2012 के बाद बिजली निगमों में एक भी निदेशक दलित वर्ग का नहीं है जो कि बेहद चिंतनीय विषय है। सरकार प्रतिनिधित्व देने पर ले अहम निर्णय सभी बिजली निगमों में अनिवार्य रूप से निदेशक पदों पर प्रतिनिधित्व दिलाया जाय एवं बिजली निगमों में 2005 के पहले निकले विज्ञापन के आधार पर जिन कार्मिको की नियुक्ति की गयी है, उनको पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाय और आखरी प्रस्ताव 1992 बैच के उन अभियंताओ जिनकी पदोनती जांचो की वजह से विचारित है उसका निस्तारण अबिलम्ब कराकर उनकी पदोनती कराई जाय। जिस प्रकार से अभियंताओ का उत्पीड़न मनमानी तरीके से किया जा रहा है उसका एसोसिएशन बर्दास्त नहीं करेगा जो भी मांगे लंबित है उसका निस्तारण अबिलम्ब कराय जाय।
प्रांतीय कार्यसमिति ने इस अवसर पर प्रांतीय कार्यसमिति ने लम्बे समय के बाद लेखाकार से सहायक लेखाधिकारी के पदों पर पदनती लगभग 36 सहायक लेखाधिकारियो जो विभिन्न डिस्कामो को नवप्रोनत हुए है उन्हें सम्मानित भी किया और उन्हे आचरण नियमावली का पाठ भी पढ़ाया। इस अवसर पर एसोशिएसन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने अपने सभी सदस्यो का स्वागत करते हुए कहा बिजली निगमों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अपना अहम योगदान दें और उपभोक्ता सेवा में सुधार करने के लिए तत्पर होकर उनकी समस्याओ का समाधान करते रहे।
उप्र पावर आफिसर्स एसोसिएषन केे अध्यक्ष केबी राम कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, महासचिव अनिल कुमार, सचिव आरपी केन, उपाध्यक्ष राकेश पुष्कर, योगेश कुमार, पीएम प्रभाकर, महेन्द्र सिंह,अति0 महासचिव अजय कुमार, संघटन सचिव हरिचन्द्र वर्मा, जे पी कौशल, आदर्श कौसल, बिंद्रा प्रसाद, एचपी कौसल रणजीत कनौजिया, अजय कनौजिया ने कहा सभी एसोसिएशन की मांगो को पावर कार्पोरेशन प्रबंधन अबिलम्ब निस्तारित कराए अन्यथा की इस्थित में आंदोलन की रास्ते पर जाने की लिए विवश होना पडेगा ।







