मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 9 अप्रैल को मुजफ्फरनगर पहुंच रहे हैं। इस दौरे को जिला प्रशासन ने विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मुख्य रूप से देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे, जिन्होंने पूरे देश में एक लाख से अधिक हिंदू मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया था।
लोकमाता अहिल्याबाई की स्मृति में नया अध्याय
देवी अहिल्याबाई होल्कर न केवल एक महान शासक थीं, बल्कि हिंदू संस्कृति और मंदिरों की संरक्षक भी मानी जाती हैं। मुजफ्फरनगर के अहिल्या बाई देवी चौक पर स्थापित उनकी यह भव्य प्रतिमा अब पूर्ण सौंदर्यीकरण के बाद जनता को समर्पित की जाएगी। चौक का सौंदर्यीकरण पाल महासभा के पदाधिकारियों की देखरेख में किया गया है।
प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर
जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पूरी तैयारी शुरू कर दी है। सायं 4 बजे जिलाधिकारी स्वयं स्थल का निरीक्षण करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और स्वच्छता को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और पाल महासभा के पदाधिकारी इस कार्यक्रम को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा न केवल अहिल्याबाई की शौर्य गाथा को याद दिलाएगी, बल्कि नई पीढ़ी को भी संस्कृति और सेवा भावना से जोड़ेगी।
कार्यक्रम की खास बातें
- देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का लोकार्पण
- चौक का भव्य सौंदर्यीकरण
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठनों का उत्साही सहयोग
सूर्त्रों के अनुसार स्थानीय सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम में जनसभा की भी संभावना है, हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम की अंतिम घोषणा अभी बाकी है।
अहिल्याबाई का संदेश आज भी प्रासंगिक
अहिल्याबाई होल्कर ने मंदिरों के साथ-साथ धर्मशालाएं, घाट और कुएं भी बनवाए। उनकी प्रतिमा का अनावरण ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री के इस दौरे से मुजफ्फरनगरवासियों में खासा उत्साह है। लोग इसे सांस्कृतिक जागरण और विकास का संदेश मान रहे हैं।
बता दें कि 9 अप्रैल को मुजफ्फरनगर में जहां एक ओर लोकमाता अहिल्याबाई की स्मृति को सम्मान मिलेगा, वहीं योगी आदित्यनाथ का आगमन विकास और संस्कृति के समन्वय का प्रतीक बनेगा।







