Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, July 13
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Social media

    जीवन में कुछ खास करने वालों के लिए प्रेरणा हैं Youtuber शिवानी कुमारी

    ShagunBy ShagunJuly 25, 2025 Social media No Comments8 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 7,565

    शिवानी कुमारी: गांव की छोरी से बिग बॉस तक का प्रेरणादायक सफर

    नीतू सिंह

    शिवानी कुमारी, उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के छोटे से गांव अरियारी की रहने वाली एक ऐसी युवती हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, हिम्मत और देसी अंदाज से न केवल सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी पहचान बनाई, बल्कि बिग बॉस ओटीटी 3 जैसे बड़े मंच पर भी धमाल मचाया। उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों, गांवों या कस्बों में रहकर बड़े सपने देखते हैं। शिवानी ने साबित कर दिखाया कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो कोई भी मंजिल असंभव नहीं है। आइए, उनके संघर्ष, पढ़ाई, रोचक घटनाओं और बिग बॉस तक के सफर को विस्तार से जानते हैं।

    … क्योंकि परिवार में पहले से तीन बेटियां थीं

    शिवानी कुमारी का जन्म 18 सितंबर 2001 को औरैया के अरियारी गांव में एक साधारण और गरीब दलित परिवार में हुआ था। उनके परिवार में उनकी मां और तीन बड़ी बहनें (रीना, टीना और सुमन) हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। शिवानी के जन्म के समय गांव में मातम सा छा गया था, क्योंकि परिवार में पहले से तीन बेटियां थीं और लोग लड़के की उम्मीद कर रहे थे। उनके जन्म के एक साल बाद ही उनके पिता का देहांत हो गया, जिसके बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई।

    शिवानी की मां ने एक प्राइवेट नर्स के रूप में काम करके परिवार का पालन-पोषण किया। आर्थिक तंगी के कारण घर में कई बार खाने तक के पैसे नहीं होते थे। शिवानी ने भी कम उम्र में लोगों के घरों में काम किया और अपनी पढ़ाई के लिए पैसे जुटाए। उन्होंने अरियारी के सरकारी स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और बाद में बी.कॉम की डिग्री हासिल की। उनकी पढ़ाई और मेहनत ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।

    संघर्षों से भरा रहा बचपन, गरीबी और सामाजिक भेदभाव भी झेला

    शिवानी का बचपन आसान नहीं था। गरीबी, सामाजिक भेदभाव और परिवार की जिम्मेदारियों ने उनके सामने कई मुश्किलें खड़ी कीं। गांव में उन्हें और उनके परिवार को दलित होने के कारण ताने और भेदभाव का सामना करना पड़ा। शिवानी ने बताया कि जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया, तो गांव वालों ने उनका मजाक उड़ाया और उन्हें “नचनिया” कहकर ताने मारे। कुछ लोगों ने तो उनके वीडियो बनाने को गलत ठहराया और कहा कि इससे गांव के बच्चे बिगड़ जाएंगे।

    सबसे दुखद घटना तब हुई जब उनकी मां ने वीडियो बनाने के विरोध में उन्हें चाकू से मारने की कोशिश की और उनके बाल खींचे। एक समय तो उनकी मां इतनी नाराज हो गईं कि वह घर छोड़कर चली गईं। हालांकि, शिवानी ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी मां को मनाया और बाद में उनकी मां ने भी उनका साथ देना शुरू किया। उनकी मां ने बकरी बेचकर शिवानी को मोबाइल फोन दिलाया, जिसने उनके जीवन को बदल दिया। इस बारे में एक फैक्ट और बताया गया जिसमे उन्होंने कहा था कि 9 कक्षा की फीस नहीं जमा की थी जिससे मैंने उन पैसों से मोबाइल ले लिया था।

    उन्होंने बताया कि सिर्फ मेरे पास सात हज़ार का एक फोन था, उन्होंने बताया कि चार साल तो वीडियो बनाते बनाते ऐसे ही निकल गए जिसका कुछ हासिल नहीं हुआ और मम्मी ने फ़ोन को भी गुस्से से तोड़ दिया। इसके बाद एक बहान ने शिवानी को अपना टच स्क्रीन वाला फ़ोन दे दिया। और उससे वीडियो बनाना शुरू किया।

    सोशल मीडिया पर शुरुआत:

    टिकटॉक से यूट्यूब तक शिवानी की जिंदगी तब बदली जब उन्होंने 2019 में टिकटॉक पर वीडियो बनाना शुरू किया। शुरुआत में उनके डांस और लिप-सिंक वीडियो को ज्यादा व्यूज नहीं मिले। लेकिन एक दिन, मार्केट से चप्पल खरीदते समय उन्होंने देहाती अंदाज में “हैलो फ्रेंड” की जगह “हैलो फ्रेंडा” कहकर एक वीडियो बनाया, जो रातोंरात वायरल हो गया। इस वीडियो ने उनकी किस्मत बदल दी और टिकटॉक पर उनकी फैन फॉलोइंग बढ़ने लगी।

    2020 में टिकटॉक के बैन होने से शिवानी को बड़ा झटका लगा। उनकी मां ने उनकी शादी की बात शुरू कर दी थी, लेकिन पढ़ाई में कमी और सामाजिक दबाव के कारण रिश्ते तय नहीं हो रहे थे। इस मुश्किल समय में उनके दोस्त अंशुल और अभिषेक ने उन्हें यूट्यूब पर व्लॉगिंग शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। शिवानी ने “शिवानी कुमारी ऑफिशियल” नाम से यूट्यूब चैनल शुरू किया, जहां उन्होंने गांव की जिंदगी, खेती, गोबर, गाय और अपनी दिनचर्या के वीडियो डालने शुरू किए।

    उनके देसी अंदाज और हास्य से भरे वीडियो को दर्शकों ने खूब पसंद किया। उनके यूट्यूब चैनल पर आज 2.7 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, और इंस्टाग्राम पर 6 मिलियन फॉलोअर्स हैं। उनकी पहली यूट्यूब कमाई 20,000 रुपये थी, जिसने उन्हें और मेहनत करने का हौसला दिया। आज वह यूट्यूब, ब्रांड प्रमोशन और म्यूजिक एल्बम्स से हर महीने 3-4 लाख रुपये कमाती हैं, और उनकी कुल संपत्ति करीब 1-3 करोड़ रुपये बताई जाती है।

    रोचक घटनाएं: गांव से लेकर विदेशी मेहमान तक शिवानी की जिंदगी में कई रोचक घटनाएं हुईं, जो उनकी लोकप्रियता और देसी अंदाज को दर्शाती हैं:

    पड़ोसियों से लाठी लेकर झगड़ा: शिवानी का एक वीडियो, जिसमें वह पड़ोसियों से भैंस बांधने को लेकर हुए झगड़े में लाठी लेकर कूद पड़ी थीं, खूब वायरल हुआ। इस वीडियो को यूट्यूब और फेसबुक पर 29 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। हालांकि, इस घटना में पुलिस ने उनके बहनोई और पड़ोसी को चेतावनी दी थी। यह वीडियो उनकी बेबाकी और देसी स्वभाव को दर्शाता है।

    अभिनेता राजपाल यादव की बेटी से मुलाकात: शिवानी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभिनेता राजपाल यादव की बेटी उनसे मिलने उनके गांव पहुंची थी। इस मुलाकात को शिवानी ने अपने यूट्यूब वीडियो में साझा किया, जो उनके प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना।

    विदेशी मेहमान के साथ भांगड़ा: 2025 में अमेरिकी फिटनेस कोच और इंफ्लुएंसर मारविन आची शिवानी के न्योते पर उनके गांव अरियारी पहुंचे। शिवानी ने उन्हें बैलगाड़ी पर गांव घुमाया, देसी खाना खिलाया और उनके साथ भांगड़ा किया। पूरे गांव में उत्सव का माहौल था, और इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। मारविन ने गांव की सादगी, खेती और देसी खाने की तारीफ की और शिवानी को भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट की।

    नया घर और कार: शिवानी ने अपनी कमाई से एक शानदार घर बनवाया, जिसका होम टूर उन्होंने अपने यूट्यूब व्लॉग में दिखाया। उनके घर की देसी सजावट और रंग-बिरंगी डिजाइन ने दर्शकों का दिल जीता। इसके अलावा, उन्होंने टाटा नेक्सन कार भी खरीदी, जिसके वीडियो वह अक्सर सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं। हालांकि, उनके मैनेजर ने स्पष्ट किया कि एक बार वायरल हुई 13 लाख की कार की तस्वीरें उनके मैनेजर की कार की थीं, जो एक पब्लिसिटी स्टंट था।

    बिग बॉस ओटीटी 3 में धमाल

    2024 में शिवानी कुमारी ने बिग बॉस ओटीटी 3 में हिस्सा लिया, जहां उनके देसी अंदाज और बेबाकी ने दर्शकों का दिल जीता। शो में उनकी एंट्री के समय अनिल कपूर ने उनकी कहानी को सराहा, और वह अपने गांव की मिट्टी लेकर स्टेज पर पहुंचीं। हालांकि, वह शो की विनर नहीं बन सकीं (सना मकबूल ने ट्रॉफी जीती), लेकिन 36 दिन तक शो में टिककर उन्होंने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज की।

    शो में शिवानी ने अपनी जिंदगी के संघर्षों को साझा किया, जिससे दर्शक भावुक हो गए। हालांकि, उनके व्यवहार और देहाती भाषा को लेकर कुछ कंटेस्टेंट्स ने ताने मारे, और अनिल कपूर व रवि किशन ने उनकी भाषा के लिए क्लास भी ली। इसके बावजूद, शिवानी ने अपने असली अंदाज को बनाए रखा और कहा, “मैं जैसी हूं, वैसी ही रहूंगी।” शो के बाद उनकी इंस्टाग्राम फॉलोइंग 4 मिलियन से बढ़कर 6 मिलियन हो गई, जो किसी भी अन्य कंटेस्टेंट के मुकाबले सबसे ज्यादा थी।

    शिवानी ने बिग बॉस से मिली राशि को लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करने का वादा किया, जो उनकी सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है। वह अपने गांव में एक स्कूल बनवाने का सपना देखती हैं।

    सफलता के पीछे प्रेरणा और प्रभाव

    शिवानी कुमारी की सफलता की कहानी सिर्फ उनकी अपनी जीत नहीं है, बल्कि यह उन तमाम लड़कियों के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों या गांवों में रहकर बड़े सपने देखती हैं। उनकी कहानी बताती है कि आपको अपनी जड़ों को छोड़ने या बनावटी बनने की जरूरत नहीं है। शिवानी ने अपने देसी अंदाज, देहाती भाषा और सादगी को अपनी ताकत बनाया।

    उनके गुरु अभिषेक और अंशुल ने उन्हें व्लॉगिंग और यूट्यूब की दुनिया में आगे बढ़ने में मदद की। उनकी मां, जो पहले उनके वीडियो बनाने का विरोध करती थीं, आज उनकी सबसे बड़ी समर्थक हैं। शिवानी ने न केवल अपनी जिंदगी बदली, बल्कि अपने गांव की लड़कियों में आत्मविश्वास जगाया। आज वह युवाओं की रोल मॉडल हैं, और उनके गांव में लोग कहते हैं, “बेटी बनो तो शिवानी जैसी बनो।”

    शिवानी कुमारी की जिंदगी एक ऐसी किताब है, जिसमें हर पन्ना संघर्ष, हिम्मत और सफलता की कहानी कहता है। गरीबी, सामाजिक भेदभाव और परिवार की जिम्मेदारियों को पार करते हुए उन्होंने टिकटॉक से यूट्यूब और फिर बिग बॉस तक का सफर तय किया। उनकी सादगी, देसी अंदाज और बेबाकी ने उन्हें लाखों दिलों की धड़कन बना दिया। चाहे पड़ोसियों से लाठी लेकर झगड़ा हो या विदेशी मेहमान के साथ भांगड़ा, शिवानी ने हर मौके पर अपनी असली पहचान बनाए रखी।

    उनकी कहानी हमें सिखाती है कि सपने बड़े हों या छोटे, अगर आप अपने असली रूप में मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ें, तो दुनिया आपका साथ देगी। शिवानी कुमारी न केवल औरैया की बेटी हैं, बल्कि भारत की उन लाखों लड़कियों की प्रेरणा हैं, जो अपने दम पर अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।

    #Neetu Singh #Youtuber Shivani Kumari
    Shagun

    Keep Reading

    Launch of a massive green initiative inspired by the ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree in Mother’s Name) campaign; Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya plants the first sapling in Jhansi.

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से प्रेरित हरित महायज्ञ का शुभारंभ, झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया पहला पौधा

    'Flying squirrel' spotted in Ramnagar after 12 years.

    रामनगर में 12 साल बाद दिखी ‘उड़ने वाली गिलहरी’

    Shrinking families, fraying ties: The quiet sob of loneliness echoed at the seminar.

    सिमटता परिवार, बिखरते रिश्ते: अकेलेपन की सिसकी गूंजी संगोष्ठी में

    Teacher's life in danger after drinking Bisleri water: Mouth and food pipe burned, fight at Meerut Medical College

    बिसलेरी पानी पीने से अध्यापिका की जिंदगी संकट में: मुँह और फूड पाइप जल गया, मेरठ मेडिकल कॉलेज में जंग

    योगी सरकार का विश्व युवा कौशल दिवस तोहफा: 13-14 जुलाई को 74 जिलों में रोजगार मेलों का महा आयोजन

    Minister plants saplings, takes ‘A Tree in Mother’s Name’ pledge.

    हरियाली का महा-अभियान: मंत्री ने लगाए पौधे, लिया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ संकल्प

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Launch of a massive green initiative inspired by the ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree in Mother’s Name) campaign; Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya plants the first sapling in Jhansi.

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से प्रेरित हरित महायज्ञ का शुभारंभ, झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया पहला पौधा

    July 13, 2026

    मंदिरों में विश्वास का संकट – निगरानी की अनदेखी अब महंगी पड़ रही है

    July 13, 2026
    'Flying squirrel' spotted in Ramnagar after 12 years.

    रामनगर में 12 साल बाद दिखी ‘उड़ने वाली गिलहरी’

    July 13, 2026
    Ethanol Blending Controversy: Public Concern vs. Government Agenda

    एथनॉल ब्लेंडिंग विवाद: जनता की चिंता vs सरकार का एजेंडा

    July 13, 2026
    Shrinking families, fraying ties: The quiet sob of loneliness echoed at the seminar.

    सिमटता परिवार, बिखरते रिश्ते: अकेलेपन की सिसकी गूंजी संगोष्ठी में

    July 13, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading