सौतेला पिता नाबालिग के साथ बलात्कार के आरोप से बरी

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नयी दिल्ली, 27 जून  नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार के आरोपी सौतेले पिता को बरी करते हुए शहर की एक अदालत ने कहा है कि मुकदमे के दौरान पीडतिा ने बार-बार अपना बयान बदला है और ऐसी स्थिति में उसकी गवाही पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
अवर सत्र न्यायाधीश बलवंत राय बंसल ने व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज आरोपों बलात्कार और आपराधिक रूप से धमकी देने, से बरी करते हुए यह रेखांकित किया कि घटना की प्राथमिकी दर्ज करने में तीन महीने की देरी हुई है। यह मामला अगस्त 2011 का है।
न्यायाधीश ने कहा, ‘ ‘पीडतिा का बयान मुकदमे की सुनवायी के विभिन्न स्तरों पर बदलता रहा है, उसकी गवाही समान नहीं रही है कि आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया है या फिर सिर्फ बलात्कार का प्रयास किया है। ‘ ‘
अदालत ने कहा कि घटना के समय, लडकी की छोटी बहन की उम्र को लेकर, और आरोपी ने बलात्कार किया है या फिर बलात्कार का प्रयास किया है, इन सभी मामलों में कथित पीडतिा और उसकी मां के बयान में असमानता है।
धमकियों को लेकर अदालत ने कहा कि, यह स्पष्ट नहीं है आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी, या फिर उसे बदनाम करने की।