दार्जीलिंग, 17 जून दार्जीलिंग का सिंगमारी क्षेत्र आज उस समय लडाई के मैदान में बदल गया जब जीजेएम कार्यकर्ताओं ने दंगा रोधी पुलिस पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंके तथा पुलिस ने भी जवाबी कार्वाई में आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
इस घटना में कई लोग घायल हो गए जिसकी वजह से प्रशासन को इलाके में सेना को तैनात करनी पडी।
अलग राज्य की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन बंद के तीसरे दिन गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सिंगमारी में जीजेएम मुख्यालय से प्रदर्शन रैली निकाली।
इलाके में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण पुलिस ने राष्ट्रध्वज और जीजेएम झंडे हाथ मे लेकर चल रहे प्रदर्शनकारियों से लौटने के लिए कहा।
नारे लगा रहे प्रदर्शनकारी वापस नहीं लौटे और उन्होंने पुलिस पर पत्थर तथा बोतलें फेंकनी शुरू कर दी। एक वाहन में भी आग लगा दी गई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ”हमने उन्हें वापस लौटने के लिए कहा लेकिन उन्होंने पत्थर, बोतलें और पेट्रोल बम फेंकना शुरू कर दिया। हमें लाठीचार्ज करना पडा।”
पुलिस ने बताया कि झडप में कुछ पुलिसकर्मी और जीजेएम कार्यकर्ता घायल हो गए।
पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की कमांड में पुलिस और अर्द्धसैन्य बल का बडा दल घटनास्थल पर पहुंचा।
दवा की दुकानों को छोडकर दार्जीलिंग में सभी अन्य दुकानें और होटल बंद हैं।
आज की हिंसा पर प्रतिक््रयिा देते हुए पर्यटन मंत्री गौतम देब ने कहा, ”सरकार जीजेएम की गुंडागर्दी स्वीकार नहीं करेगी।”
जीजेएम नेता विक््रम राय के बेटे एवं जीजेएम विधायक अमर राय को पुलिस ने दार्जीलिंग से पकड लिया।
विक््रम जीजेएम की मीडिया शाखा का प्रभारी है।
पुलिस ने कल रात वरिष्ठ जीजेएम नेता बिनय तमांग के आवास पर छापा मारा था जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने यहां बिजनबाडी इलाके में पीडब्ल्यूडी का कार्यालय फूंकने की कोशिश की।
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