लखनऊ। पद्मावत एक्सप्रेस से प्रतापगढ़ निवासी गायत्री देवी अपने पति के साथ शुक्रवार को दिल्ली के लिए यात्रा कर रही थी। ट्रेन प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन से अभी कुछ ही किलोमीटर की दूरी तय कर सकी थी कि गायत्री देवी को लेवर पेन शुरू हो गया। सफर के दौरान अचानेक उठे लेवर पेन से आसपास बैठे यात्री और उनके पति की समस्या बढ़ गई। गायत्री के पति ने तुरंत इस बात की जानेकारी कंट्रोल को देते हुए मदद मांगी। कंट्रोल से चारबाग स्टेशन मास्टर को सूचना देकर प्राथमिकी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। इंडोर स्टेशन मास्टर ने तुरंत रेलवे डॉक्टर को सूचित कर आरपीएफ को भी इसके लिए मेमो भेजा। ट्रेन के आने से पूर्व रेलवे डॉक्टर भी मौेके पर पहुंच गए। ट्रेन चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर सात पर पहुंची।
जानकारी के अनुसार आरपीएफ एसआई सुनीता तिर्की, रेलवे डॉक्टर और स्टेशन मास्टर पद्मावत एक्सप्रेस में पीछे से तीसरे जनरल कोच में पहुंचे। प्राथमिकी के दौरान रेलवे डॉक्टर ने महिला और उसके पति को गर्भपात हो जाने की सूूचना दी, जिससे गायत्री देवी की पीड़ा और बढ़ हुई। किसी भी महिला के लिए मां बनना सबसे सुखद अनुभूति होती है। अपने गर्भ में पल रहे बच्चे के दुनिया में आने का इंतजार वह ए्क-एक दिन काट कर करती है। ऐसे में अगर किसी महिला कि मां बनने का सपना एक बार पहले टूट चुका हो और फिर दोबारा वह उससे वंचित रह जाए, तो उसको होने वाली पीड़ा की कल्पना भी नहीं की जा सकती। गायत्री देवी के पति ने डॉक्टर को बताया कि महिला तीन माह से गर्भवती थी और इससे पहले भी गर्भपात हो चुका है। जानकारी होने के बाद रेलवे कर्मियों की मदद से महिला को ट्रेन से उतारकर एम्बुलेंस से सिविल अस्पताल भेजा गया।
Keep Reading
Add A Comment







