लखनऊ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को कहा कि लखनऊ की पहले आप की तहजीब समाज के हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का मौका देने के लिए प्रेरित करती है।
राष्ट्रपति ने गृह राज्य के पहले दौरे पर नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में लखनऊ की तहजीब की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले आप का विश्लेषण किया जाए तो समाज के हर व्यक्ति को आगे बढ़ने के लिए कहा जाता है। उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कोविंद ने कहा कि इस राज्य ने देश को नौ प्रधानमंत्री दिये लेकिन अभी तक कोई राष्ट्रपति या उप राष्ट्रपति नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मूल्यवान विरासत रही है। अन्य राज्य आर्थिक रूप से भले ही विकसित हो गये हों लेकिन कृषि योग्य भूमि जैसी उत्तर प्रदेश में है, वैसी जमीन और उतनी मात्रा में जमीन किसी अन्य प्रदेश में नहीं है। इसी जमीन पर राम और कृष्ण जैसे महामानव जन्मे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अयोध्या, मथुरा, काशी, सारनाथ जैसी जगहें, तुलसीदास, कबीर, सूरदास, रैदास जैसे संत रहे। भगवान बुद्ध का विश्व शांति का संदेश डा. भीमराव अंबेडकर ने अपनाया। अंबेडकर ने बुद्ध के शांति के मार्ग उपदेशों को आधार बनाकर उन्हीं आदर्शों का पालन किया और संविधान में उन्हें शामिल किया। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे मौलिक अधिकार के साथ साथ मौलिक कर्तव्य भी हैं। देश का हर नागरिक राष्ट्र निर्माता है।
उन्होंने कहा कि वह संवैधानिक पद पर हैं लेकिन उनका उत्तर प्रदेश से विशेष लगाव है। उन्होंने कहा, अपनी सीमाओं में रहकर इसके लिए जो भी मैं कर सकता हूं, करूंगा। प्रधानमंत्री का भी विशेष ध्यान इस राज्य पर है क्योंकि वह यहां का प्रतिनिधित्व करते हैं। कोविंद ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को उन पर गर्व है क्योंकि वह अकसर कहते थे कि राष्ट्रहित सर्वाेपरि है।
उन्होंने बागपत नाव हादसे में मारे गये लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर राष्ट्रपति को संघर्षशील एवं संवेदनशील बताते हुए कहा कि उनके राष्ट्रपति बनने पर पूरा देश विशेषकर प्रदेश की 22 करोड़ जनता उत्साहित है।
उन्होंने कहा, अपनी ही माटी के सपूत को देश के सर्वाेच्च पद पर पाकर उत्तर प्रदेश की जनता अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रही है। मुख्यमंत्री ने एक पुस्तक और गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर राष्ट्रपति का अभिनंदन किया।
वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने अभिनंदन पत्र भेंट किया तो दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने गुलाब के पुष्प भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि यह सुखद अवसर है जब उत्तर प्रदेश से ही प्रधानमंत्री चुन कर गए हों और राष्ट्रपति भी इसी माटी से निकले हों। मंच पर राष्ट्रपति के साथ विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, विधान परिषद के सभा पति रमेश यादव, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा, नगर विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और यूपी भाजपा अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय थे। कार्यक्रम में योगी सरकार का पूरा मंत्रिपरिषद, विधायक, सांसद समेत अन्य प्रमुख गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
लखनऊ पहुंचने पर राष्ट्रपति सीधे अंबेडकर महासभा परिसर गये और वहां डा. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
शुक्रवार को कानपुर रवाना होने से पहले राष्ट्रपति यहां स्मृति वाटिका में पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दौरे के दौरान सुरक्षा के खास प्रबंध किये गये हैं। कई रास्तों में फेरबदल भी किया गया है।







