- उत्तराखंड के बागेश्वर में हैरान करने वाला मामला:
- उत्तराखंड शर्मिंदा: 6 दिन, पूरा अस्पताल खाली, एक भी पुरुष नहीं पहुँचा OT में
- “मर्दानगी जाएगी” का डर इतना बड़ा कि 2000 कैश भी नहीं ललचाया!
हल्द्वानी : 2000 रुपये नकद + शानदार गिफ्ट फ्री, फिर भी एक भी मर्द नहीं आया नसबंदी कराने! जी हाँ, आपने सही पढ़ा! स्वास्थ्य विभाग ने पूरा जोर लगा दिया था। 29 नवंबर से 4 दिसंबर तक “पुरुष नसबंदी पखवाड़ा” मनाया गया। बड़े-बड़े पोस्टर लगे, आशा और एएनएम बहनें घर-घर गईं, बताया कि ऑपरेशन सिर्फ 15-20 मिनट का है, कोई कट-फट नहीं, लोकल एनेस्थीसिया में हो जाता है, तीन दिन आराम के बाद नॉर्मल काम पर लग जाओ, और ऊपर से 2000 रुपये तुरंत हाथ में + अच्छे-खासे गिफ्ट भी!
फिर भी…जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में सन्नाटा पसरा रहा।
छह दिन बीत गए, एक भी पुरुष नहीं आया!
डॉक्टर साहब मुस्कुराते हुए बोले, “महिलाओं की नसबंदी से कहीं ज्यादा आसान और सुरक्षित है ये, लेकिन भाई लोग अभी भी डरते हैं कि ‘मर्दानगी चली जाएगी’ वाली पुरानी बातों में फंसे हैं।”अब विभाग ने ठान लिया है कि अगले चरण में और जोर-शोर से जागरूकता फैलाएंगे।
फिर देखते हैं, 2000 रुपये और गिफ्ट की ये स्कीम काम करती है या बागेश्वर के मर्दों का रिकॉर्ड फिर भी जीरो रहता है!
क्या लगता है आपको – अगली बार कोई आएगा या फिर यही सिलसिला चलता रहेगा? कमेंट में जरूर बताइए!






