नई दिल्ली: भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाने जा रहा है। इस वर्ष की मुख्य थीम 150 वर्षों का वंदे मातरम रखी गई है, जो राष्ट्रगान ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य परेड देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दर्शाएगी।
थीम का विशेष महत्व और सज्जा
इस वर्ष की परेड पूरी तरह ‘वंदे मातरम’ के इर्द-गिर्द घूमेगी। कर्तव्य पथ पर एंक्लोजर के बैकग्राउंड में 1923 में तेजेंद्र कुमार मित्रा द्वारा बनाई गई पुरानी पेंटिंग्स प्रदर्शित की जाएंगी, जो ‘वंदे मातरम’ की पंक्तियों को चित्रित करती हैं। ये पेंटिंग्स ‘बंदे मातरम एल्बम’ (1923) से ली गई हैं। परेड के अंत में ‘वंदेमातरम्’ लिखा बड़ा बैनर अनावरण किया जाएगा और रबर गुब्बारों को हवा में छोड़ा जाएगा। फूलों से सजे स्टेज पर ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। निमंत्रण कार्ड, फ्लोरल डेकोरेशन और डिजिटल विजुअल्स भी इसी थीम पर आधारित होंगे।

झांकियां और सैन्य प्रदर्शन में नयापन
इस बार परेड में 30 झांकियां निकलेंगी, जो मुख्य रूप से दो थीम्स पर आधारित होंगी:
- स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम
- समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत
राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और मंत्रालयों की झांकियां
सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता संग्राम और आत्मनिर्भरता को दर्शाएंगी। भारतीय सेना पहली बार फेज्ड बैटल एरे (चरणबद्ध युद्ध प्रारूप) दिखाएगी, जिसमें 61 कैवलरी की माउंटेड कॉलम और 7 मार्चिंग कंटिंजेंट शामिल होंगे। बैक्टीरियन ऊंट, जांस्कर पोनी, भारतीय नस्ल के कुत्ते (मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, राजापालायम) और नए भैरव कंटिंजेंट भी आकर्षण का केंद्र होंगे। मेकैनाइज्ड कॉलम में रोबोटिक म्यूल, ड्रोन शक्ति, ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, आकाश मिसाइल और अन्य उन्नत हथियार दिखाए जाएंगे।
फ्लाईपास्ट और अन्य हाइलाइट्स
फ्लाईपास्ट में 29 विमान शामिल होंगे, जिसमें राफेल और अपाचे हेलीकॉप्टर प्रमुख होंगे। हालांकि तेजस को इस बार शामिल नहीं किया गया है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि कुछ बेहतरीन प्लेटफॉर्म दिखाए जा रहे हैं, कुछ शामिल किए गए हैं और कुछ नहीं, लेकिन कोई विशेष वजह नहीं है। कल्चरल प्रोग्राम में करीब 2,500 कलाकार भाग लेंगे, जो वंदे मातरम और आत्मनिर्भर भारत पर आधारित होगा।
19 से 26 जनवरी तक पूरे देश में पैन-इंडिया बैंड परफॉर्मेंस ‘वंदे मातरम’ थीम पर आयोजित होंगी, जिसमें आर्मी, नेवी, एयर फोर्स, कोस्ट गार्ड और CAPF शामिल होंगे। विशेष प्रदर्शन बंकिम चंद्र के पैतृक घर ‘बंकिम भवन’ (पश्चिम बंगाल) में होगा।
मुख्य अतिथि: यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता
इस वर्ष मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन होंगे। यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ के दोनों शीर्ष नेता एक साथ भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनकर आ रहे हैं। यह भारत-यूरोपीय संघ के मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंधों का प्रतीक है, खासकर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) वार्ताओं के बीच।
विशेष अतिथि और भागीदारी
इस बार करीब 10,000 विशेष अतिथि आमंत्रित किए गए हैं, जिनमें पैरा एथलीट्स, प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, ट्रांसजेंडर, ISRO और DRDO के वैज्ञानिक, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से जुड़े उद्यमी आदि शामिल हैं। MyGov और My Bharat पोर्टल पर ‘वंदे मातरम’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर प्रतियोगिताओं में 1.61 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। टॉप 200 विजेताओं को परेड देखने का न्योता मिला है।
यह गणतंत्र दिवस न केवल देश की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक गौरव का प्रदर्शन करेगा, बल्कि ‘वंदे मातरम’ के माध्यम से स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगा। शागुन न्यूज इंडिया इस ऐतिहासिक आयोजन पर नजर रखेगा और लाइव अपडेट्स साझा करेगा। जय हिंद!






