नई दिल्ली, 04 दिसम्बर । नोएडा पुलिस ने बहुचर्चित रिंगिंग बेल कंपनी के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाली कंपनी के निदेशक और उसके सहकर्मी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर रिंगिंग बेल कंपनी के 2.68 करोड़ रु हड़पने का आरोप है। आरोपी ने रिंगिंग बेल कंपनी को हर माह 5 लाख फोन बनाकर देने के लिए करीब 3.25 करोड़ रुपये लिए थे।
समय से मोबाइल की डिलीवरी न देने के बाद मोहित गोयल को जेल जाना पड़ा था। एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि रिंगिंग बेल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक मोहित गोयल ने साल 2015 में लोगों को 251 रुपये में मल्टीमीडिया फोन मुहैया कराने का दावा किया था। देशभर से 7.5 करोड़ लोगों ने मोबाइल की बुकिंग कराई थी। समय से मोबाइल न देने पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मोहित गोयल ने जेल से बाहर आने के बाद पुलिस से शिकायत की थी कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई थी।
क्या है मामला:
दिल्ली की वाई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विकास शर्मा ने उनसे दावा किया था कि उसका चीन में आफिस और फैक्टरी है। उसने कुछ फोटो और दस्तावेज दिखाए थे। उसने अपने सहकर्मी जितेंद्र उर्फ जीतू निवासी गाजियाबाद वैशाली से बात करने के लिए कहा था। इन दोनों ने मोबाइल के सर्विस सेंटर भी भारत में सैकड़ों की संख्या में बताए थे। साथ ही फर्जी करार के दस्तावेज भी बना रखे थे। 28 जनवरी 2016 तक उन्होंने विकास शर्मा को बैंक के माध्यम से 3.27 करोड़ रु दे दिए थे। जब माल मांगा तो उसने आनाकानी शुरू की है। जो मोबाइल और पावर बैंक उसने दूसरी कंपनी से लेकर दिए, उनकी गुणवत्ता भी खराब थी। इनकी कीमत 1.27 करोड़ रु थी। उसने फर्जी टिन नंबर दिया तो उसके खिलाफ एक और केस दर्ज हो गया और करीब 35 लाख रु का नुकसान भी हो गया।
मोहित ने माल न देने पर विकास से रुपये वापस मांगे तो वह धमकाने पर उतर आया। उसने रुपये न मांगने और दोबारा फोन न करने की धमकी दी। मोहित ने आरोप लगाया है कि उसने जांच-पड़ताल की तो पता चला कि विकास ने सर्विस सेंटर के करार के जो दस्तावेज दिखाए थे, वह लावा कंपनी के थे।
ये सभी फर्जी तरीके से बनाए गए थे। इसके बाद कई बार फोन किया, मगर उसने नहीं उठाया। उसके सहयोगी जीतू से फोन पर बात हुई। उसने एक करोड़ रुपये के दो चेक उसे दिलवाए, मगर वह भी बाउंस हो गए थे। इसी दौरान लोगों ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करानी शुरू कर दी और उन्हें जेल जाना पड़ गया। लौटने के बाद उन्होंने विकास शर्मा के खिलाफ सेक्टर-49 कोतवाली में 23 नवंबर 2017 को धोखाधड़ी समेत 7 धाराओं में मामला दर्ज कराया। सेक्टर-49 पुलिस ने आरोपियों को रविवार को बरौला बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया है।







