जकार्ता, 09 मार्च। दुनिया की सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में एक इस्लामिक विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में बुर्का पहनने पर रोक लगा दी है। इसके बाद से योग्याकार्ता शहर स्थित स्टेट इस्लामिक यूनिवर्सिटी (यूआईएन) प्रशासन को कट्टरपंथी मुस्लिम समूहों के निशाने पर आ गई है। 25 करोड़ की जनसंख्या वाले इंडोनेशिया की 87 फीसदी आबादी मुस्लिम है।
हाल में कट्टरपंथी विचारधाराओं के पनपने से इस देश की धार्मिक सहिष्णुता और विविधता को खतरा पैदा हो गया है। जावा द्वीप के योग्याकार्ता शहर की स्टेट इस्लामिक यूनिवर्सिटी (यूआईएन) ने कहा, बुर्के या नकाब का इस्तेमाल करने वाली 41 छात्राओं को कहा गया है कि अगर वे ग्रेजुएट होना चाहती हैं, तो उन्हें यह पहनावा छोड़ना होगा। इसके लिए उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी। यूनिवर्सिटी के रेक्टर युदीन वहीउदी ने कहा, ‘बुर्का कट्टरता का उदाहरण है।
छात्राओं के बुर्का पहनने से शिक्षण प्रक्रियाएं बाधित होती हैं। हम मध्यम इस्लाम को आगे बढ़ा रहे हैं और यह नीति छात्रों के लिए सुरक्षात्मक कदम है।’ यूआईएन के इस निर्णय की कई इस्लामिक संगठनों ने आलोचना की है। इस्लामिक डिफेंडर्स फ्रंट ने एक बयान में कहा कि ऐसी नीति का कोई मतलब नहीं है। एक महिला अधिकार कार्यकर्ता ने कहा कि महिलाओं को आजादी होनी चाहिए कि वे अपना खानपान या पहनावा तय कर सकें। यह उनके सामान्य अधिकारों पर बंदिश है।







